सिंहस्थ 2028 की भीड़ को संभालने के लिए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। रतलाम में मेमू ट्रेनों के लिए एक नया स्पेशल शेड बनाया जा रहा है, जिससे यहां ट्रेनों का मेंटेनेंस होगा और ज्यादा संख्या में मेमू ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। अभी तक वेस्टर्न रेलवे में मेमू
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यह जानकारी वेस्टर्न रेलवे के महाप्रबंधक विवेक कुमार गुप्ता ने बुधवार शाम रतलाम में मीडिया से चर्चा के दौरान दी। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ से पहले इस शेड का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा, ताकि आयोजन के दौरान यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा मिल सके।
जीएम विवेक कुमार गुप्ता बुधवार को रतलाम रेल मंडल के चित्तौड़गढ़ से रतलाम तक चल रहे दोहरीकरण कार्यों के निरीक्षण के लिए मुख्यालय के सभी विभागीय अधिकारियों के साथ पहुंचे थे। सुबह से शाम तक उन्होंने विभिन्न स्थानों पर चल रहे कार्यों का जायजा लिया और प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के बाद जीएम स्पेशल ट्रेन से रतलाम पहुंचने पर उनके साथ रतलाम रेल मंडल के डीआरएम अश्वनी कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
मीडिया से चर्चा करते जीएम विनोद कुमार गुप्ता।
स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 7 पर मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि सालाना सेफ्टी इंस्पेक्शन होता है। चित्तौड़गढ़ से लेकर रतलाम तक चल रहे कार्यों को संतुष्टिपूर्ण बताया। जीएम ने कहा कि दोहरीकरण का कुछ कार्य चल रहा है। मार्च 26 तक पूरा कर लिया जाएगा। कुछ ब्लॉक सेक्शन थोड़ा बहुत काम बचा है। चित्तौड़, नीमच स्टेशन को देखा है। जीएम ने कहा कि विंटर सीजन भी चल रहा है। सेफ्टी यह इंस्पेक्शन जरूरी था।
800 करोड़ के विकास कार्य स्वीकृत
जीएम ने कहा कि 2028 का उज्जैन का सिंहस्थ हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण आयोजन है। स्टेट गर्वमेंट के साथ हमारा समन्वय है। उज्जैन में डिफरेंट प्लानिंग किया जा रहा है। केवल उज्जैन को नहीं देखा जा रहा है। आसपास स्टेशनों पर आने वाले यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए उज्जैन से आगे नागदा की तरफ दो स्टेशन व भोपाल की तरफ दो स्टेशन पर काम किया जा रहा है।
जिनमें नयाखेड़ी से पिंगलेश्वर के अलावा फतेहाबाद से चिंतामण गणेश स्टेशन पर काम किया जा रहा है। कुल मिलाकर 800 करोड़ के काम स्वीकृत हो चुके है। अगले एक से डेढ़ साल में पूरे कर लिए जाएंगे। सिंहस्थ में आने वाली भीड़ को देखते हुए रतलाम, मक्सी, देवास व भोपाल में प्लानिंग की जा रही है। ताकि यात्रियों को नियंत्रित किया जा सके। जिससे कि आने वाले व जाने वाले यात्रियों को ट्रेनों में आराम से लाना व वापस ले जाना कर सके।

सीनियर डीसीएम की जीएम को शिकायत करते रेल संघर्ष समिति सदस्य।
सीनियर डीसीएम की शिकायत
जीएम के रतलाम आने पर कई रेल संगठन उनसे मिलने पहुंचे। रतलाम मंडल रेल संघर्ष समिति ने जीएम के समक्ष सीनियर डीसीएम व वाणिज्य विभाग के अधिकारियों की शिकायत की। यहां तक सीनियर डीसीएम के खिलाफ नारेबाजी भी की। नारेबाजी होने पर जीएम खुद आगे होकर समिति सदस्यों के पास मिलने पहुंचे।
समिति अध्यक्ष यतेंद्र भारद्वाज, सचिव मनीष शर्मा आदि ने कहा कि सीनियर डीसीएम का रवैया सही नहीं है। जनप्रतिनिधियों के फोन तक नहीं उठाती है। आपातकालीन कोटे में इनके द्वारा अनियमितता की जा रही है। समिति द्वारा 15 बिंदुओं का ज्ञापन भी सौंपा गया। जीएम ने शिकायतों के निराकरण का आश्वासन दिया।