₹200 में मैच जिताने वाला बैट! इंदौर की इस गली में बनते हैं वो बैट, जो पूरे MP में मचाते हैं धमाल

₹200 में मैच जिताने वाला बैट! इंदौर की इस गली में बनते हैं वो बैट, जो पूरे MP में मचाते हैं धमाल


अगर आप क्रिकेट के शौकीन हैं और इंदौर में रहते हैं, तो गंगवाल बस स्टैंड के पास मौजूद “क्रिकेट बैट मंडी” के बारे में जानना आपके लिए जरूरी है. यहां कदम रखते ही ऐसा लगता है जैसे किसी मिनी फैक्ट्री में आ गए हों. गंगवाल से महू नाका की ओर जाते ही सड़क के दोनों तरफ दर्जनों दुकानें नजर आती हैं, जहां हजारों क्रिकेट बैट कतार में सजे होते हैं. कहीं बैट की घिसाई चल रही होती है, तो कहीं नए-नए बैट तैयार होकर बिक्री के लिए रखे जा रहे होते हैं.

यहीं हमें मिले बाबूलाल, जो पिछले करीब 30 सालों से क्रिकेट बैट बनाने और बेचने का काम कर रहे हैं. उनका दावा है कि इतने सस्ते और टिकाऊ फल्टे (बैट का कच्चा रूप) आपको पूरे मध्यप्रदेश में कहीं नहीं मिलेंगे.” यही वजह है कि इस इलाके को क्रिकेट बैट की मंडी कहा जाता है.

बाबूलाल बताते हैं कि यहां से पूरे MP में बैट की सप्लाई होती है. रोजाना यहां करीब 500 बैट तैयार किए जाते हैं. ज्यादातर बैट पॉपुलर लकड़ी से बनाए जाते हैं. कुछ कच्चा माल गुजरात के कारखानों से भी मंगवाया जाता है, लेकिन उसकी फिनिशिंग और शेप पूरी तरह इंदौर में ही दी जाती है.

200 रुपये से ज्यादा का कोई बैट नहीं!
इस मंडी की सबसे बड़ी खासियत है कीमत. यहां 200 रुपये से ज्यादा का कोई बैट नहीं है. यही वजह है कि जबलपुर, रीवा, सतना जैसे शहरों से व्यापारी यहां आते हैं, थोक में बैट खरीदते हैं और अपने-अपने इलाकों में बेचते हैं.

सिर्फ बैट ही नहीं, बल्कि स्टम्प्स और क्रिकेट बॉल्स का भी यह बड़ा बाजार है. सबसे खास बात यह है कि यहां आप अपनी आंखों के सामने बैट बनते हुए देख सकते हैं और कारीगर से सीधे बात करके अपने खेलने के स्टाइल के हिसाब से बैट बनवा सकते हैं.

कैसे बनता है क्रिकेट बैट?

बाबूलाल बताते हैं कि हर खिलाड़ी के लिए बैट अलग होता है. बैट का वजन और बैलेंस उम्र और जरूरत के हिसाब से तय किया जाता है. सबसे अहम हिस्सा होता है हैंडल, जिसे रबर और धागों से मजबूती दी जाती है. कम कीमत के कारण यहां ज्यादातर बैट में सिर्फ रबर की रिंग लगाई जाती है. आखिर में बैट को पॉलिश किया जाता है, ताकि वह चिकना और चमकदार दिखे. फिर स्टिकर और टेप लगाकर बैट को फाइनल टच दिया जाता है. इंदौर की यह बैट मंडी सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि क्रिकेट के जुनून और मेहनत की कहानी है. कम कीमत, मजबूत बैट और कारीगरों का अनुभव l,;.यही वजह है कि यहां के बैट पूरे MP में छाए हुए हैं.



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