Last Updated:
Burhanpur news: मैं पहले ग्रहणी थी मेरे पास कोई काम नहीं था लेकिन मेरे पति ड्राइवर थे और मैं लगातार संघर्ष करती गई मैंने प्लान बनाया क्यों न अपने घर से ही कपड़े का व्यवसाय शुरू किया जाए घर से शुरुआत की कई परेशानियों का सामना करना पड़ा लेकिन आज मुझे सफलता मिली है मेरी दुकान में दो बार आग भी लग गई थी.
बुरहानपुर: जिले के सिलमपुरा क्षेत्र में रहने वाली किरण रायकवार ने भी सार्थक कर कर दिखाया है. किरण रायकवार गृहणी थी कोई काम नहीं था. पति ड्राइवर थे जब पत्नी ने सोचा क्यों न छोटे से बिजनेस से शुरुआत की जाए किरण ने 15 साल पहले अपने घर से ही कपड़े का काम स्टार्ट किया. जब उसमें बढ़ोतरी होती गई तो पति का भी सहयोग मिलता गया बच्चे भी सहयोग करते गए आज महिला 10 से अधिक लोगों को रोजगार दे रही है.
जिसमें महिला और पुरुष दोनों शामिल है. किरण का कहना है कि मुझे काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी मेरी दुकान में दो बार आग लग गई इसके बावजूद भी मैंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार डर्टी रही आज में इतने लोगों को रोजगार दे रही हूं और नई-नई वैरायटी के कपड़े बना रही हूं जो लोगों को भी पसंद आते हैं.
पति के सहयोग से शुरू किया व्यवसाय
लोकल 18 की टीम ने जब किरण रायकवार से बात की तो उन्होंने बताया कि मैं पहले ग्रहणी थी. मेरे पास कोई काम नहीं था लेकिन मेरे पति ड्राइवर थे और मैं लगातार संघर्ष करती गई मैंने प्लान बनाया. क्यों न अपने घर से ही कपड़े का व्यवसाय शुरू किया जाए घर से शुरुआत की. कई परेशानियों का सामना करना पड़ा लेकिन आज मुझे सफलता मिली है. मेरी दुकान में दो बार आग भी लग गई थी. मेरा लाखों रुपए का नुकसान हो गया था. लेकिन इसके बावजूद भी मैंने हिम्मत नहीं हारी और आज में 10 से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हूं. मेरी प्राथमिकता है कि मैं जिस तरह से महिला हूं. मैं और भी महिलाओं को रोजगार दें. यह मेरा उद्देश्य हैं.
बनाती हैं डिजाइनर कपड़े
किरण रायकवार बताती है कि मेरे यहां पर डिजाइनिंग कपड़े सिले जाते हैं. कुछ लोग कपड़े सिलने का काम करते हैं तो कुछ लोग बेचने का काम करते हैं. मेरे यहां पर महिला और पुरुष दोनों स्टॉप है जो यह काम करते हैं जिससे मेरी हर साल लाखों रुपए की कमाई होती है.
About the Author
मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें