शंकर गुप्ता मझौली नगर परिषद अध्यक्ष।
सीधी जिले की नगर परिषद मझौली में चल रही चुनावी गहमागहमी पर अचानक विराम लग गया है। जबलपुर उच्च न्यायालय के फैसले के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने अध्यक्ष पद के लिए होने वाली निर्वाचन प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का आदेश जारी किया है।
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न्यायालय ने पूर्व अध्यक्ष शंकर प्रसाद गुप्ता को उनके पद पर बहाल करने का निर्देश दिया है, जिससे अब वहां चुनाव की आवश्यकता समाप्त हो गई है।
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद चुनाव आयोग का फैसला
यह पूरी कार्यवाही जबलपुर उच्च न्यायालय के 18 दिसंबर 2025 को पारित आदेश के पालन में की गई है। कोर्ट ने सिविल रिवीजन के विभिन्न मामलों की सुनवाई करते हुए पूर्व अध्यक्ष शंकर प्रसाद गुप्ता को पुनः पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए।
इसी आदेश का संज्ञान लेते हुए राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल ने 19 दिसंबर को एक ज्ञापन जारी किया, जिसमें बताया गया कि चूंकि अब अध्यक्ष का पद रिक्त नहीं है, इसलिए पूर्व में शुरू की गई निर्वाचन प्रक्रिया वैधानिक रूप से जरूरी नहीं रह गई है।
जिला प्रशासन ने थामी चुनावी प्रक्रिया
उपखण्ड अधिकारी और रिटर्निंग ऑफिसर ने जानकारी दी कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी ने भी 19 दिसंबर को औपचारिक आदेश जारी कर दिया है।
इसके तहत मझौली नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए जारी सभी मतदान और नामांकन संबंधी गतिविधियों को तुरंत रोक दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब शंकर प्रसाद गुप्ता फिर से परिषद की कमान संभालेंगे।
राजनीतिक गलियारों में हलचल, समर्थकों में जश्न
इस न्यायिक आदेश के बाद मझौली में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। पूर्व अध्यक्ष शंकर प्रसाद गुप्ता के पुनः पदभार ग्रहण करने की खबर मिलते ही उनके समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई है और क्षेत्र में जश्न का माहौल है।
वहीं दूसरी ओर, जो दावेदार चुनाव की तैयारियों में जुटे थे और मतदान का इंतजार कर रहे थे, उन्हें इस फैसले से बड़ा झटका लगा है। फिलहाल, क्षेत्र में यह चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।