बालाघाटः एक दिन सुबह करीब साढ़े पांच बजे फजर की नमाज के लिए मस्जिद जा रहा था, तब अचानक उसे कुत्तों ने काट लिया. कुत्तों ने गले पर काटने की कोशिश की लेकिन उसने हाथ से हटाने की कोशिश की थी लेकिन कुत्तों ने भाई को काट लिया. जिला अस्पताल में तीन बार रेबीज के टीके लगवाए लेकिन आराम नहीं मिला. ऐसे में उसे गोंदिया भी ले गए और फिर वहाँ से नागपुर रेफर किया गया वह भाई रात भर रहा और उसकी मौत हो गई. उसके छोटे-छोटे बच्चे है, एक स्कूल में पढ़ रहा है और एक बेटी कॉलेज में है. अब उनके परिवार का गुजारा कैसे होगा समझ नहीं आ रहा.
चार पालतू कुत्तों ने किया हमला
मृतक जमील खान उर्फ बब्बी भाई के भतीजे ने बताया कि सुबह के वक्त वह फजर की नमाज के लिए जा रहे थे. तब अचानक पांच कुत्तों ने हमला कर दिया. इसमें चार कुत्ते पालतू थे. ऐसे में वह हमले में घायल हो गए, उन्हें सुबह 6 बजे जिला अस्पताल ले गए लेकिन उन्होंने 10 बजे लाने की बात कही. वह घाव साफ करके गए थे. इसके बाद उन्होंने ठीक से काम नहीं किया. ऐसे में तीन बार रेबीज के इंजेक्शन लगे थे लेकिन वह ठीक नहीं हुए. अब उनकी मौत हो गई.
परिजनों ने जिला चिकित्सालय के प्रशासन पर भी लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. उनका पूरा परिवार बब्बी भाई पर ही निर्भर था. अब उनकी मौत होने से परिवार पर संकट आ गया. ऐसे में उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है.
कुत्तों से डर का माहौल
लोकल 18 को समीर पटेल ने बताया कि पहले लोग बेखौफ होकर घरों से निकलते थे. लेकिन कुत्तों की इतनी दहशत हो गई है कि सुबह की वॉक और रात में टहलना भी बंद हो गया है. ऐसे में छोटे बच्चों को भी सड़क पर निकलने नहीं देते हैं. पेरेंट्स को डर लगा रहता है कि अगर बच्चों पर कहीं कुत्ता हमला न कर दें.
नगरपालिका से हुई है शिकायत
स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार स्थानीय निकाय यानी नगर पालिका को इसकी शिकायत की थी. लेकिन किसी ने भी जिम्मेदार ने मामले की गंभीरता से नहीं दिया नगरपालिका की गाड़ी आती है और चार-पांच कुत्तों को पकड़ते और ले जाते हैं. फिर से इलाके में वो लौट आते है और स्थिति जस की तस है.