पांचवी फेल का बिजनेस माइंड! 5,000 की लागत से शुरू किया काम, अब रोजाना का गल्ला 2000

पांचवी फेल का बिजनेस माइंड! 5,000 की लागत से शुरू किया काम, अब रोजाना का गल्ला 2000


कहते हैं दुनिया में हर चीज़ बेची जा सकती है, बस उसे बेचने का तरीका आना चाहिए. पढ़ाई कम हो तो क्या, अगर दिमाग तेज़ हो और मेहनत सच्ची हो तो कामयाबी खुद चलकर आती है. मध्यप्रदेश के खंडवा की सिंधी कॉलोनी चौराहे पर एक ऐसा ही उदाहरण इन दिनों खूब चर्चा में है. यहां ठंड के मौसम में नमक वाले होले (भुने चने) बेचने वाला एक शख्स पूरे शहर में फेमस हो गया है.

इस शख्स का नाम है पिंटू जाधव. पिंटू पढ़ाई में सिर्फ पांचवीं पास हैं, लेकिन बिजनेस की समझ ऐसी कि हर तीन महीने में मौसम के हिसाब से अपना धंधा बदल लेते हैं. यही वजह है कि उनका ठेला कभी खाली नहीं रहता.

ठंड में नमक वाले चने, गर्मी में बर्फ के गोले
पिंटू कई सालों से सर्दियों में नमक वाले भुने चने बेच रहे हैं, जिन्हें यहां लोग प्यार से “होले” कहते हैं. इन चनों का स्वाद ऐसा है कि सिर्फ खंडवा ही नहीं, आसपास के गांवों से भी लोग इनके ठेले तक पहुंचते हैं. गर्मी के मौसम में पिंटू बर्फ के गोले और देसी लस्सी बेचते हैं, बारिश में जो नया चलन होता है, वही आइटम पकड़ लेते हैं. उनका मानना है कि जो चीज़ मौसम में चलती है, वही बेचो.

लकड़ी के चूल्हे पर सिकते हैं चने, स्वाद बन जाता है पहचान
पिंटू रोज़ घर से डेढ़ से दो कुंटल तक होले लेकर निकलते हैं. साधारण सी रेहड़ी पर लकड़ी का चूल्हा जलता है, उस पर चने और तेज नमक डाला जाता है. धीरे-धीरे भुने ये चने जब तैयार होते हैं, तो उनकी खुशबू ही ग्राहकों को खींच लाती है. ठंड के दिनों में इन नमकीन चनों से शरीर को गर्माहट मिलती है, नमक की कमी पूरी होती है और ताकत भी मिलती है.

15 रुपए से शुरू, 2 हजार तक की रोज़ की कमाई
पिंटू 50 ग्राम चने 15 रुपए में बेचते हैं और किलो का भाव करीब 200 रुपए रहता है. रोज़ाना 1 से 2 कुंटल चने बिक जाते हैं, जिससे 1500 से 2000 रुपए तक की कमाई हो जाती है. उनका समय शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक का रहता है.

इसी ठेले से बना पूरा घर
पिंटू बताते हैं कि इसी काम से उन्होंने अपनी बहन की शादी कराई, अपनी शादी की और आज पूरे परिवार की जिम्मेदारी उठा रहे हैं. माता-पिता, पत्नी और दो बच्चे जो स्कूल जाते हैं सब इसी ठेले की कमाई से खुशहाल हैं. उनका सपना है कि उनके बच्चे खूब पढ़-लिखकर अफसर बनें, क्योंकि वे खुद नहीं पढ़ पाए, लेकिन बच्चों का भविष्य उज्ज्वल देखना चाहते हैं.

ग्राहकों का कहना पढ़ाई नहीं, समझ मायने रखती है
चने खाने आए लोग कहते हैं कि पिंटू भले ही पांचवीं फेल हों, लेकिन मेहनत और दिमाग में वो कई पढ़े-लिखों से आगे हैं. इनके चने पूरे खंडवा में फेमस हैं.



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