बीएसएफ प्रशिक्षुओं को ग्वालियर पुलिस ने दिया प्रशिक्षण: पुलिस कार्यप्रणाली, अपराध नियंत्रण की चुनौतियों से कराया अवगत – Gwalior News

बीएसएफ प्रशिक्षुओं को ग्वालियर पुलिस ने दिया प्रशिक्षण:  पुलिस कार्यप्रणाली, अपराध नियंत्रण की चुनौतियों से कराया अवगत – Gwalior News


पुलिस कंट्रोल रूम के सीसीटीवी विभाग में प्रशिक्षण लेते बीएसएफ प्रशिक्षु।

ग्वालियर पुलिस ने बीएसएफ अकादमी टेकनपुर में प्रशिक्षणरत सहायक सेनानियों को पुलिस की कार्यप्रणाली से अवगत कराने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। प्रशिक्षण के पहले दिन, 19 दिसंबर को, बीएसएफ अकादमी टेकनपुर के सीधी भर्ती के 71

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थानों में पुलिस किस तरह से विवेचना करती है उसकी जानकारी लेते बीएसएफ प्रशिक्षु।

कार्यशाला के दूसरे दिन, शनिवार को, पुलिस कंट्रोल रूम सभागार में प्रशिक्षु सहायक सेनानियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर, धर्मवीर सिंह (भापुसे) ने प्रशिक्षुओं को संबोधित किया।

उन्होंने पुलिस कार्यप्रणाली, अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौतियों और पुलिस व आमजन के मध्य समन्वय की भूमिका के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने प्रशिक्षुओं से बातचीत की और थाना भ्रमण के दौरान उनके अनुभवों को भी साझा किया।

कार्यक्रम का संचालन नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (पूर्व), विदिता डागर (भापुसे) ने किया। उन्होंने प्रशिक्षण के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर बीएसएफ अकादमी टेकनपुर के सहायक कमांडेंट पवन और अकादमी के अधिकारीगण, साथ ही रक्षित निरीक्षक ग्वालियर रणजीत सिंह सिकरवार उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु सहायक सेनानियों को कंट्रोल रूम, साइबर सेल, सीसीटीवी रूम और पुलिस लाइन ग्वालियर का भ्रमण कराया गया। यहां उन्हें वास्तविक समय की निगरानी प्रणाली, त्वरित पुलिस रिस्पांस, साइबर अपराध नियंत्रण और अपराधों की रोकथाम व विवेचना संबंधी प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया।

प्रशिक्षुओं ने पुलिस व्यवस्था के विभिन्न आयामों के बारे में जानकारी प्राप्त की और अपने अनुभव भी साझा किए। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षु सहायक सेनानियों को पुलिस प्रणाली, कानून व्यवस्था प्रबंधन और आधुनिक तकनीक पुलिसिंग के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे भविष्य में राष्ट्र और समाज की सेवा अधिक दक्षता और कुशलता के साथ कर सकें।



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