इंदौर के बीजेपी नेता एवं गो सेवा भारती संस्था के अध्यक्ष सुरेश पिंगले पर क्राइम ब्रांच ने 3 करोड़ 50 लाख रुपए की जालसाजी के मामले में एफआईआर दर्ज की है। कोर्ट के आदेश के बाद क्राइम ब्रांच ने जांच करते हुए यह कार्रवाई की है। मामला भोपाल-रायसेन रोड की
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क्राइम ब्रांच ने कनाड़िया थाना क्षेत्र में रहने वाले रमन अरोरा निवासी ग्रेड एक्सोटिका की शिकायत पर सुरेश पुत्र विट्ठलराव पिंगले निवासी मिश्र नगर अन्नपूर्णा रोड के खिलाफ बैंक से फर्जी तरीके से 3.50 करोड़ रुपए निकालने का प्रयास करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में नरेश नरवानी और शरद दुबे की भूमिका को भी जांच में लिया गया है।
गुम चेक से किया गया फर्जी भुगतान का प्रयास
शिकायतकर्ता रमन अरोरा की भोपाल-रायसेन रोड पर सर्च स्मार्ट लॉजिस्टिक नामक कंपनी है, जिसमें उनकी पत्नी संगीता अरोरा निदेशक हैं। बेटी की शादी के बाद उनके ससुर को भी कंपनी का निदेशक बनाया गया था। कंपनी के खाते से भोपाल स्थित एचडीएफसी बैंक से 50 चेक जारी किए गए थे, जिनमें से 38 चेक का उपयोग हो चुका था।
जून 2022 में कंपनी का बैंक खाता बंद कर दिया गया था। इसके बाद 6 जून के आसपास कंपनी के एक कर्मचारी द्वारा बैंक रिकॉर्ड की जांच में एक चेक के गायब होने की जानकारी सामने आई, जिसकी सूचना कनाड़िया थाने में दी गई थी।
कोर्ट से आया नोटिस, खुला फर्जीवाड़े का मामला
कुछ ही दिनों बाद रमन अरोरा के घर कोर्ट से नोटिस पहुंचा, जिसमें 3.50 करोड़ रुपए का भुगतान न होने पर चेक अनादर का उल्लेख था। जांच में सामने आया कि यह गुम चेक सुरेश पिंगले द्वारा दो अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया था।
कोर्ट रिकॉर्ड की जांच में यह भी सामने आया कि ग्राम पिपल्याहाना की एक बेशकीमती जमीन को लेकर संगीता अरोरा के नाम से एक एग्रीमेंट तैयार किया गया था, जिसमें सुरेश पिंगले के साथ नरेश नरवानी और शरद दुबे के नाम दर्ज थे। इस एग्रीमेंट में जमीन के सौदे के लिए 3.50 करोड़ रुपए दर्शाए गए थे।
फर्जी बताए गए हस्ताक्षर, फॉरेंसिक जांच भी कराई गई
शिकायतकर्ता का आरोप है कि एग्रीमेंट और चेक पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी हैं। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की गई और कोर्ट में याचिका दायर की गई। इसके बाद दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच भी कराई गई।
1 दिसंबर को कोर्ट से मिले थे एफआईआर के आदेश
कोर्ट ने 1 दिसंबर को क्राइम ब्रांच इंदौर को बीजेपी नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे, जिसके पालन में क्राइम ब्रांच ने शनिवार को प्रकरण दर्ज कर लिया।
जमीन की जानकारी देकर रची साजिश का आरोप
रमन अरोरा ने क्राइम ब्रांच को दिए बयान में कहा कि उन्होंने ग्राम पिपल्याहाना में मंगलम रेसिडेंसी निवासी रमेश चौधरी से बेशकीमती जमीन खरीदी थी। इसकी जानकारी नरेश नरवानी और शरद दुबे को थी, जिन्होंने ही यह जानकारी सुरेश पिंगले को देकर फर्जी एग्रीमेंट तैयार कराया।
पुलिस का बयान
क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि
सुरेश पिंगले के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज किया गया है। वहीं दो अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
