भोपाल के कचरा कैफे पहुंचे दिल्ली के अफसर: स्वच्छ भारत मिशन संचालक ने गार्बेज स्टेशन-रिसाइकिल प्लांट भी देखा; जानकारी भी ली – Bhopal News

भोपाल के कचरा कैफे पहुंचे दिल्ली के अफसर:  स्वच्छ भारत मिशन संचालक ने गार्बेज स्टेशन-रिसाइकिल प्लांट भी देखा; जानकारी भी ली – Bhopal News


कचरा कैफे पहुंचे स्वच्छ मिशन संचालक मनीष जून। साथ में महापौर मालती राय।

सफाई व्यवस्था देखने के लिए रविवार को नई दिल्ली से स्वच्छ भारत मिशन के संचालक मनीष जून भोपाल पहुंचे। उन्होंने गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन, रिसाइकिल प्लांट और भानपुर खंती का निरीक्षण किया। सफाई से जुड़ी कई जानकारी भी उन्होंने ली।

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महापौर मालती राय भी उनके साथ थीं। संचालक जून ने कचरा कैफे का निरीक्षण किया। साथ ही नगर निगम द्वारा कचरा प्रबंधन के सस्टेनेबल मॉडल एवं कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की सराहना किया। कहा कि कचरा कैफे जैसे नवाचारों के कारण कचरे को संसाधन के रूप में मानने के लिए नागरिकों में समझ एवं जागरूकता बढ़ती है। वहीं, स्वच्छता एवं रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होती है। महापौर राय ने रिसाइकिल हब में बने उत्पाद भी मिशन संचालक जून को भेंट किए।

कचरा कैफे में मौजूद स्वच्छ भारत मिशन संचालक मनीष जून।

यहां पहुंचे मिशन संचालक मिशन संचालक जून ने कार्यों का निरीक्षण करते हुए सुरेंद्र गार्डन में डोर-टू-डोर कचरा एकत्रिकरण की कार्य प्रक्रिया का जायजा लिया। इसके बाद वे दाना-पानी गार्बेज ट्रांसफर स्थित रिसाइकिल हब में थर्माकोल व कोकोनट रिसाइकिल प्लांट का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां थर्माकोल एवं नारियल के खोल से बनाए जा रहे विभिन्न उत्पादों को देखा और जानकारी भी ली।

जून ने अन्नानगर में टैक्सटाइल रिसाइकिल प्लांट में अनुपयोगी कपड़ों से बनाए जा रहे विभिन्न उत्पादों को भी देखा। मिशन संचालक जून ने भानपुर में निगम की पुरानी खंती का रेमिडियेशन कर कचरा मुक्त कराई भूमि एवं उस पर विकसित हरितिमा का भी अवलोकन किया।

उन्होंने कजलीखेड़ा में 100 टन प्रतिदिन क्षमता के सीएंडडी वेस्ट रिसाइकिल प्लांट का भी अवलोकन किया। यहां सीएंडडी वेस्ट से बनाए जा रहे नवीन उत्पादों के संबंध में जानकारी भी ली।

जून ने कहा कि छोटे-छोटे लेकिन लगातार किए जा रहे प्रयास से कचरा प्रबंधन के बेहतर परिणाम देखने को मिलते हैं। कचरा प्रबंधन का मूल आधार कचरा पृथक्कीकरण ही है। इस प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाकर कचरा प्रबंधन को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।



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