कैसे बनेगा राशन कार्ड? मध्य प्रदेश में अब ऑनलान-ऑफलाइन प्रक्रिया और आसान, जानें सब

कैसे बनेगा राशन कार्ड? मध्य प्रदेश में अब ऑनलान-ऑफलाइन प्रक्रिया और आसान, जानें सब


Sagar News: मध्य प्रदेश के सागर जिले सहित राज्य में आज भी कई परिवार दिन भर मजदूरी के बाद रात को खाने का इंतजाम करते हैं. सरकार की खाद्यान्न वितरण योजना (NFSA) ने इन्हें राहत दी है, ताकि कोई गरीब भूखा न सोए. योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार के सदस्य को महीने में 4 किलो गेहूं और 1 किलो चावल यानी कुल 5 किलो राशन मात्र 1 रुपये किलो के भाव पर मिलता है.

चार सदस्यों वाले परिवार को 20 किलो राशन सुनिश्चित होता है. सागर की 30 लाख आबादी में करीब 17 लाख लोग लाभान्वित हैं, लेकिन सैकड़ों परिवार नाम कटने या वंचित रहने से परेशान हैं. ऐसे में राशन कार्ड बनवाना जरूरी है, जो योजना की कुंजी है. CSC सेंटर संचालक रोहन सिंह लोधी ने बताया कि आवेदन ग्राम पंचायत या नगरीय निकाय से फॉर्म लेकर भरा जा सकता है. राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया सरल है.

सबसे पहले आवश्यक दस्तावेज जुटाएं
समग्र परिवार आईडी, पात्रता प्रमाण-पत्र (बीपीएल/एएवाई श्रेणी), सभी सदस्यों के आधार कार्ड, आय प्रमाण-पत्र (यदि लागू). CSC सेंटर पर फॉर्म भरें, जिसमें परिवार के नाम, पता, सदस्य विवरण आदि दर्ज हों. घोषणा-पत्र (नोटरी से सत्यापित) संलग्न करें, जिसमें दी गई जानकारी सत्य होने की पुष्टि हो. रोहन सिंह ने बताया, “BD श्रमिक कार्ड, हेवी ड्राइवर लाइसेंस या स्ट्रीट वेंडर दस्तावेज पात्रता साबित करते हैं. फीस न्यूनतम है और CSC पर ही सब हो जाता है.”

ऑनलाइन प्रक्रिया और भी आसान
राज्य की आधिकारिक पोर्टल (mp rationcard.gov.in) पर जाएं. ‘नया राशन कार्ड आवेदन’ विकल्प चुनें. परिवार विवरण, आधार नंबर, मोबाइल डालें. पात्रता फॉर्म भरें, दस्तावेज अपलोड करें. अंत में फॉर्म रिव्यू कर सबमिट करें. आवेदन जमा होने पर स्थानीय अधिकारी सत्यापन करेंगे. यदि पात्र पाए गए, तो 15-30 दिनों में ई-राशन कार्ड जारी हो जाएगा. रोहन सिंह ने जोर दिया, “ऑनलाइन फ्री है, लेकिन सत्यापन के लिए BLO का दौरा जरूरी है.”

इस ऐप पर चेक करें
राशन कार्ड चेक करने के लिए ‘मेरा राशन 2.0’ ऐप डाउनलोड करें. आधार नंबर डालें, OTP से लॉगिन करें, राशन कार्ड विवरण स्क्रीन पर आ जाएगा. नाम कटे हैं तो दावा-आपत्ति फॉर्म (Form-6) भरें. सागर जिले में 17 लाख कार्ड धारकों को लाभ मिल रहा है, लेकिन वंचितों के लिए जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है. कलेक्टर ने कहा, “कोई भूखा न रहे, इसके लिए पोर्टल पर 24×7 हेल्पलाइन है.” यह योजना गरीबों की आशा है, लेकिन जागरूकता से ही फायदा पहुंचेगा.



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