शिक्षा समाज सुधार में आर्य समाज की अहम भूमिका: भोपाल में आयोजित तीन दिवसीय महासम्मेलन में बोले राज्यपाल आचार्य देवव्रत; गौ आधारित कृषि पर दिया जोर – Bhopal News

शिक्षा समाज सुधार में आर्य समाज की अहम भूमिका:  भोपाल में आयोजित तीन दिवसीय महासम्मेलन में बोले राज्यपाल आचार्य देवव्रत; गौ आधारित कृषि पर दिया जोर – Bhopal News



मध्यभारतीय आर्य प्रतिनिधि सभा द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय प्रांतीय आर्य महासम्मेलन के तीसरे दिन गुजरात एवं महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि शिक्षा, समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण में आर्य समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने क

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अपने उद्बोधन में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि आज देश में लाखों लोग मधुमेह, कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में गौ-आधारित कृषि को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गौ आधारित खेती और प्राकृतिक कृषि को प्रोत्साहित कर रहे हैं।

उन्होंने गौ संरक्षण, गौ आधारित कृषि के लाभ और मानव जीवन में गौ के महत्व पर बात कही। राज्यपाल ने स्वामी श्रद्धानंद के जीवन पर चर्चा करते हुए कहा कि उनके जीवन पर स्वामी दयानंद सरस्वती के विचारों और प्रवचनों का गहरा प्रभाव रहा।

गौ आधारित कृषि को मिले बढ़ावा

स्वागत भाषण एवं संक्षिप्त उद्बोधन में सभा प्रधान प्रकाश आर्य ने कहा कि आचार्य देवव्रत द्वारा रासायनिक खेती के विकल्प के रूप में प्राकृतिक और गौ आधारित कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 24 संस्थानों के कुलाधिपति होने के बावजूद राज्यपाल का सरल और सहज स्वभाव सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

कार्यक्रम में सुरेंद्र कुमार आर्य का परिचय देते हुए बताया गया कि उनका देश-विदेश में विशिष्ट योगदान है और दयानंद ट्रस्ट को भी उनका निरंतर सहयोग प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि बीते एक वर्ष में आदिवासी क्षेत्रों में 11 नए आर्य समाज केंद्र स्थापित किए गए हैं।

अपने उद्बोधन में सुरेंद्र कुमार आर्य ने स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान के 100 वर्ष एवं प्रांतीय सभा के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित महासम्मेलन की बधाई दी। उन्होंने कहा कि भोपाल में आयोजित यह महासम्मेलन आर्य समाज के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने आचार्य देवव्रत को सभी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

कार्यक्रम में युवा सम्मेलन, महिला सम्मेलन एवं वेद सम्मेलन जैसे आयोजनों के माध्यम से आर्य समाज के लाखों कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी। संपूर्ण समाज आज आर्य समाज की भूमिका को आशा भरी निगाहों से देख रहा है।



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