स्कूलों में बच्चों को जबरन सेंटा बनाने पर होगी कार्रवाई: शिक्षा विभाग का आदेश- भावनाओं का सम्मान करें, दबाव डालना गलत – Sriganganagar News

स्कूलों में बच्चों को जबरन सेंटा बनाने पर होगी कार्रवाई:  शिक्षा विभाग का आदेश- भावनाओं का सम्मान करें, दबाव डालना गलत – Sriganganagar News


श्रीगंगानगर में क्रिसमस-डे पर बच्चों को सेंटा क्लॉज बनाने पर स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग ने आदेश में कहा कि सेंटा क्लॉज बनने के लिए दबाव बनाना ठीक नहीं है।

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शिकायत मिलने पर स्कूल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (ADEO) अशोक वधवा ने यह आदेश 22 दिसंबर को जारी किया है। जिसमें सभी निजी स्कूलों को चेतावनी दी गई है।

सहमति हो तो आपत्ति नहीं, जबरदस्ती पर कार्रवाई

ADEO ने बताया- किसी स्कूल में अभिभावकों और बच्चों की सहमति से सेंटा क्लॉज की गतिविधियां कराई जा रही हैं तो शिक्षा विभाग को कोई परेशानी नहीं है।

लेकिन यदि पेरेंट्स पर दबाव बनाकर या बच्चों को मजबूर कर सेंटा क्लॉज बनाने की शिकायत सामने आती है तो संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

परिजनों और बच्चों की भावनाओं का सम्मान करें

ADEO ने कहा – 25 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाया जा रहा है, वहीं क्रिसमस डे भी है। ऐसे में स्कूलों को संतुलन और संवेदनशीलता बनाए रखते हुए किसी भी तरह की जबरदस्ती से बचना चाहिए।

शिक्षा विभाग ने सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे अभिभावकों की भावनाओं का सम्मान करें और बच्चों पर किसी भी प्रकार का दबाव न डालें।

बच्चों को जबरन सेंटा क्लॉज बनाने के संबंध में भारत-तिब्बत सहयोग मंच ने 22 दिसंबर को अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (ADEO) को शिकायत दी थी।

बच्चों को जबरन सेंटा क्लॉज बनाने के संबंध में भारत-तिब्बत सहयोग मंच ने 22 दिसंबर को अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (ADEO) को शिकायत दी थी।

भारत-तिब्बत सहयोग मंच जिलाध्यक्ष सुखजीत सिंह अटवाल ने बताया- पिछले कुछ वर्षों से कुछ स्कूलों में क्रिसमस डे के नाम पर बच्चों को जबरन सेंटा क्लॉज बनाया जा रहा है, जिससे पेरेंट्स में नाराजगी है। श्रीगंगानगर जिला मुख्य रूप से सनातन हिंदू और सिख बहुल क्षेत्र है, ऐसे में किसी विशेष परंपरा को थोपना ठीक नहीं है।

25 दिसंबर को वीर बाल दिवस

अटवाल ने बताया- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित किया है, जो साहिबजादों के सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है।

ऐसे में स्कूलों को चाहिए कि इस दिन भारतीय संस्कृति के गौरव, वीरता और बलिदान की परंपरा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए।



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