मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की दो वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों और नवीन विभागीय नीतियों के संबंध में सांसद शंकर लालवानी के आतिथ्य में बुधवार को इ
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प्रदेश में नए उद्योगों का विस्तार हुआ है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, इंदौर द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से हजारों उद्यमियों को लाभान्वित किया गया है। सांसद शंकर लालवानी ने इस अवसर पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि दो वर्षों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है। उद्योग मंत्री चेतन कश्यप द्वारा नीतियों में किए गए सकारात्मक बदलावों के कारण प्रदेश में नए उद्योगों का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। आज स्थिति यह है कि उद्योगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
लालवानी ने उद्योग क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इंदौर औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। बेहतर औद्योगिक संस्कृति, कुशल मानव संसाधन और सुदृढ़ कनेक्टिविटी के कारण निवेशक इंदौर को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सांसद लालवानी ने बताया कि आने वाले 3–4 वर्षों में इंदौर रेलवे का एक प्रमुख हब बनने जा रहा है। वर्तमान में जहां 100 से कम ट्रेनें हैं, वहीं भविष्य में यह संख्या बढ़कर लगभग 300 हो जाएगी। इंदौर से उज्जैन–नागदा–रतलाम, इंदौर–देवास–भोपाल, इंदौर–खंडवा, इंदौर–मनमाड़ सहित छह दिशाओं में रेल कनेक्टिविटी सशक्त होगी। सड़क नेटवर्क के विस्तार से इंदौर की 700 किमी की परिधि में देश की लगभग 60 प्रतिशत आबादी आ जाएगी, जिससे लॉजिस्टिक लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी।
लॉजिस्टिक कॉस्ट को घटाकर 7–8 प्रतिशत करने का लक्ष्य
सांसद ने बताया कि वर्तमान में 13–14 प्रतिशत की लॉजिस्टिक कॉस्ट को घटाकर 7–8 प्रतिशत करने का लक्ष्य है, जिससे उत्पादन लागत घटेगी, बिक्री और निर्यात बढ़ेगा। सांसद लालवानी ने यह भी जानकारी दी कि केंद्र सरकार की गति शक्ति लॉजिस्टिक मास्टर प्लान में इंदौर को शामिल किया गया है।
इस योजना के तहत एडीबी बैंक द्वारा लॉजिस्टिक प्लान तैयार किया जा रहा है, जिससे सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। सांसद लालवानी ने युवाओं से कहा कि वे नौकरी प्राप्त करने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। सरकार की अनेक योजनाएं युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए उपलब्ध हैं और इन्हें जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है।
विगत दो वर्षों की इंदौर जिले की औद्योगिक विकास यात्रा
- मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 572 और वर्ष 2025-26 में 392 उद्यमियों को लाभ प्रदान किया गया।
- महिला उद्यमिता को विशेष बढ़ावा दिया गया। वर्ष 2024-25 में 147 और 2025-26 में 154 महिला उद्यमी लाभान्वित हुईं।
- मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 200 इकाइयों को 191.16 करोड़ रुपए, वर्ष 2025-26 में 141 इकाइयों को 137.34 करोड़ रुपए का अनुदान स्वीकृत किया गया।
- वर्ष 2024-25 में 18,376 और वर्ष 2025-26 में 26,125 उद्यमों का पंजीयन हुआ।