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Sagar Damoh State Highway Accident: चना टोरिया से लेकर गढ़ाकोटा तक के रास्ते को लोग मौत का हाईवे भी कहते हैं. यहां यमराज का ऐसा तांडव देखने को मिलता है कि जिसे सुनकर भी लोग सिहर जाते हैं, और इसका अंदाजा आप ऐसी लगा सकते हैं कि महज 35 किलोमीटर की सड़क पर यहां पिछले 2 साल में 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
अनुज गौतम, सागर: सागर जिले से दो नेशनल हाईवे और चार स्टेट हाईवे गुजरते हैं यानी कि एक तरह से सागर जिले में पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण चारों तरफ सड़कों का जाल बिछा हुआ है, यहां दो पहिया से लेकर चार पहिया और 10 चक्का ट्रक तक अंधाधुंध दौड़ते हैं. और इसकी वजह से आए दिन जिले में कहीं ना कहीं हादसे होने लोगों की मौत होने और घायल होने की खबरें सामने आती रहती हैं.
लेकिन इन सब में सागर दमोह स्टेट हाईवे पर चना टोरिया से लेकर गढ़ाकोटा तक के रास्ते को लोग मौत का हाईवे भी कहते हैं. यहां यमराज का ऐसा तांडव देखने को मिलता है कि जिसे सुनकर भी लोग सिहर जाते हैं, और इसका अंदाजा आप ऐसी लगा सकते हैं कि महज 35 किलोमीटर की सड़क पर यहां पिछले 2 साल में 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
इस रास्ते पर वह दर्दनाक सड़क हादसा भी शामिल है जिसमें ट्रक और फोर व्हीलर की टक्कर में पांच दोस्तों की ऑन द स्पॉट मौत हो गई थी यह हादसा टोल टैक्स के पास बम्होरी गांव के चौराहे पर हुई थी, इसकी वजह हाईवे पर तेज रफ्तार और अचानक वाहन का अनियंत्रित होना पाया गया था, यहां पर करीब 1 किलोमीटर की जगह में ऊंची नीची घाटी होने की वजह से तेज रफ्तार वाहन अचानक से सामने आ जाते है.
इसके अलावा एक और दर्दनाक हादसा जटाशंकर की घाटी सनोदा के पास हुआ था जहां तेज रफ्तार ट्रक ने एक फोर व्हीलर को कुचल दिया था जिसमें एक जैन परिवार के पांच लोगों की दुखद मृत्यु हो गई थी यहां पर भी घाटी की रफ्तार और नशेड़ी ड्राइवर की लापरवाही वजह बनी थी.
अमोदा में बाइक को बस ने टक्कर मारी थी जिसमें मां बेटे की मौत हो गई थी, यहां अंधा मोड हादसे की वजह था, तो गढ़ाकोटा में ट्रक की टक्कर से बाइक सवार जीजा साले की जान चली गई थी, इनमें बिंदी तिराहे ऐसा है जहां अलग अलग समय हुए हादसों में आधा दर्जन से अधिक मौतें हो चुकी हैं.
इस सड़क की बात करें तो यहां करें 35 किलोमीटर के एरिया में 5 ब्लैक स्पॉट है जहां लोग जल्दी जाने के चक्कर में अपनी गाड़ी को धीमा नहीं करते हैं और सामने आ रहा वाहन दिखाई नहीं देता जिसकी वजह से इस तरह के हादसे देखने को मिलते हैं.
सागर जिले में पिछले 3 साल में 3200 से अधिक सड़क हादसे हो चुके हैं. एक दिन में 1100 से अधिक मौत साल 2025 के 11 महीना में करीब 1000 से अधिक हादसे हुए जिसमें में 382 मौत हुई है. यह आंकड़े बताती है कि फर्राटेदार सड़कों पर अगर सतर्कता और सावधानी से बाहर नहीं चलाते हैं तो परिवार के परिवार उजड़ रहे हैं इसलिए खास कर दो पहिया वाहन चालक अपनी बाइक या स्कूटी चलाते समय विशेष सावधानी बरतें.