रीवा की वो जगह जहां लगता है फेमस मेला, पिकनिक मनाने के लिए भी है शानदार

रीवा की वो जगह जहां लगता है फेमस मेला, पिकनिक मनाने के लिए भी है शानदार


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REWA NEWS: रीवा जिले में कई ऐसे मेलों का आयोजन हर साल होता हैं. जिनका लोग बडी बेसब्री से साल भर इंतजार करते हैं. इन मेलों में तरह-तरह की मनोरंजन की चीजें देखने को मिलती हैं. इन मेलों में पूरे भारत से व्यापारी आते हैं. जिनमें मुख्य रूप से रीवा किला महामृत्युंजय मंदिर का मेला, क्योटी वॉटरफॉल का मेला, देवतालाब मंदिर का मेला और दुबई कार्निवाल मेला मुख्य है.

रीवा जिले में भगवान शिव के भक्तों को सावन के महीने, मकर संक्राति और महाशिवरात्रि का इंतजार बडी बेसब्री से रहता है. रीवा संभाग के तीर्थस्थल देवतालाब में प्रयागराज के कुंभ जैसा ही भव्य मेला लगता है, इसके अलावा महाशिवरात्रि पर भी भव्य मेले का आयोजन किया जाता है. भगवान शिव के भक्त दूर दूर से यहां दर्शन करने पहुंचते हैं. वैसे तो देवतालाब मंदिर में हमेशा ही भक्तों की भीड़ लगी रहती है.

साल में तीन बार सजता है ये मेला

सावन में एक माह का और महाशिवरात्रि, मकर संक्राति पर पांच दिनों के मेले का आयोजन होता है. यहां पूरे विंध्य क्षेत्र के लोग मेला देखने पहुंचते हैं. देवतालाब मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता कुछ इस कदर लगता है कि मानो प्रयागराज के कुंभ मेले में आ गए हों. यहां देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु अलग अलग परिधानों में दिखाई देते हैं.

लोगों का फेवरेट है ये मेला

दुकाने भी सजी रहती हैं लेकिन मकर संक्रांति और महाशिवरात्रि, सावन माह में पूरे भारत से व्यापारी आते हैं जहां तरह-तरह की चीजें देखने और खरीदने को मिलती हैं. रीवा जिले में मकर संक्रांति के पर्व का इंतजार लोगों को रहता है. मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाती है. क्योटी जलप्रपात में लगे चार दिवसीय मेले में पर्यटकों की भीड़ उमड़ती है. चार दिन के इस मेले में लोग हर उस चीज का आनंद उठाते हैं.

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इस मेले में किस्मत आजमाते हैं बच्चे

जो रोजाना की बाजार में नहीं खरीद पाते है. क्योटी के मेला जलप्रपात के और भैरवबाबा मंदिर के नजदीक लगता है. बच्चे बूढ़े सब के लिए काफी खुशनुमा माहौल होता है.यदि कोरोना काल को छोड़ दिया जाए तो पूर्व के वर्षों की भांति व्यापारी आते है. मेले में चोरों तरफ विभिन्न प्रकार की मनोरंजन सामग्री आती है. जिसे बच्चे माता-पिता के साथ खरीदी करते हैं. कई बच्चे झूला झूलकर मेले की शुरूआत करते है. तो कई बच्चे किस्मत के खेल में हाथ आजमाते है.

शहर के बीचो-बीच सजता है ये मेला

कोई पान खाता है तो कोई गन्ना व रूख खरीदकर जश्न मनाते है. रीवा के किला परिसर में मकर संक्रांति के पर्व पर संक्रांति का मेला सजता है. हर वर्ष की तरह ही यहां खिलौनों और खान-पान की दुकानों से लेकर विभिन्न सामग्रियों की दुकानें भी खरीदी के लिए लगाईं जाती हैं. जहां मेला करने और भगवान महामृत्युंजय के दर्शनों के लिए लोग रीवा के किला परिसर में पहुंचते हैं.

एक दिवसीय लगता है मेला

किला परिसर के मेले में दोपहर होने तक लोगों की भीड़ लग जाती है. रीवा के प्रसिद्ध और विश्व के एक मात्र 1001 छिद्रों वाले महामृत्युंजय मंदिर के पुजारी बताते हैं कि 14 जनवरी के दिन हर साल की तरह ही परंपरागत रूप से मेला लगता है. किला परिसर में भगवान महामृत्युंजय के द्वार पर मकर संक्रांति के मेले की परम्परा सैकड़ों वर्षों पुरानी है. एक दिवसीय मेले का आयोजन होता है.

हर साल दुबई की तर्ज पर लगता है ये मेला

रीवा में दुबई कार्निवाल मेला शहर के आस-पास हर साल लगता है. यह मेला बच्चों के साथ बड़े को भी पसंद आता है. इस मेले में दुबई सिटी की थीम पर मुख्य रूप से बुर्ज खलीफा ट्विन टावर होटल बनारसी पान का आनंद ले सकते हैं. मेले में बनारसी पान का स्पेशल सेंट्रल पान कार्नर भी बनाया जाता है यहां पान खाने के शौकीन लोग फायर पान स्मोकिंग पान का आनंद लेते हैं.

रीवा शहर का सबसे बड़ा मेला

इस मेले में दुबई सिटी की थीम पर मुख्य रूप से वाटर टनल फिश जोन, बुर्ज खलीफा, ट्विन टावर, होटल बुर्ज अल अरब, अरेबियन युनिवर्सल, अरेबियन फ्यूचर म्यूजिक की झलक देखने वाली फिल्में प्रदर्शित की जाती हैं. साथ ही 180 फीट की मूर्ति लंदन ब्रिज की प्रतिकृति भी बनाई जाती है. तरह-तरह के झूलों का आनंद बच्चे उठाते हैं.

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