Vaibhav Suryavanshi: वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2025 में डेब्यू के बाद से ही रन मशीन बने हुए हैं. महज 14 साल की उम्र में इस खिलाड़ी ने ऐसा जलवा दिखाया कि दुनिया हैरान रह गई, जिस तरह से वैभव खेल रहे हैं, उसे देखकर कई लोगों का मानना है कि टीम इंडिया को नया स्टार मिला है. वैभव की उम्र भले ही कम हो, लेकिन खेल में परिपक्वता किसी सीनियर खिलाड़ी जैसी है. घरेलू क्रिकेट से लेकर अंतरराष्ट्रीय यूथ टूर्नामेंट तक, वैभव लगातार रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहे हैं. उनकी बैटिंग देख सिर्फ क्रिकेट के दिग्गज ही नहीं बल्कि फैंस और राजनेता भी हैरान हैं. अब वैभव को लेकर ये मांग तेज है कि इस असाधारण टैलेंट को जल्द ही सीनियर भारतीय टीम में मौका मिलना चाहिए. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने वैभव की तुलना महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से की और सेलेक्टर्स से पूछा कि अब किस बात का इंतजार है.
वैभव सूर्यवंशी की तुलना सचिन से करते हुए शशि थरूर ने लिखा ‘पिछली बार जब किसी चौदह साल के लड़के ने इतना जबरदस्त क्रिकेट टैलेंट दिखाया था, तो वो सचिन तेंदुलकर थे और हम सब जानते हैं कि उनका क्या हुआ. किसका इंतज़ार कर रहे हैं? इंडिया के लिए वैभव सूर्यवंशी.’ शशि थरूर का यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर वैभव को टीम इंडिया में जल्द मौका देने की मांग और तेज हो गई है.
विजय हजारे ट्रॉफी में वैभव ने उड़ाया गर्दा
दरअसल, 24 दिसंबर 2025 से विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 का आगाज़ हुआ है. इस टूर्नामेंट में अपने पहले ही मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने ऐसा कारनामा कर दिया, जिसकी गूंज पूरे विश्व में सुनाई दी है. अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेले गए मैच में उन्होंने महज़ 84 गेंदों में 190 रन की विस्फोटक पारी खेली. वैभव के बल्ले से चौकों और छक्कों की बरसात हुई और विपक्षी गेंदबाज़ पूरी तरह बेबस दिखे. वैभव ने 36 गेंदों पर शतक ठोका और वो 84 गेंदों पर 190 रन बनाकर आउट हुए, जिसमें 16 चौके और 15 छक्के शामिल थे.
बिहार टीम ने रचा इतिहास
वैभव सूर्यवंशी की इस तूफानी पारी के दम पर बिहार टीम ने 6 विकेट पर 574 रन बनाए, जो विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास का सबसे बड़ा टीम स्कोर बन गया. खास बात यह रही कि यह पारी उन्होंने अंडर-19 एशिया कप फाइनल में असफल रहने के कुछ ही दिनों बाद खेली, जिससे उनकी मानसिक मजबूती भी साफ नज़र आई.
वैभव सूर्यवंशी का हालिया प्रदर्शन
साल 2025 वैभव सूर्यवंशी के लिए किसी सपने से कम नहीं रहा. बाएं हाथ के इस विस्फोटक ओपनर ने इससे पहले सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में महाराष्ट्र के खिलाफ 61 गेंदों पर नाबाद 108 रन की पारी खेली थी, वो 14 साल 250 दिन की उम्र में टूर्नामेंट में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने थे. इसके अलावा अंडर-19 एशिया कप में यूएई के खिलाफ 95 गेंदों में 171 रन बनाए, जो किसी भारतीय का टूर्नामेंट में सर्वोच्च स्कोर है. इससे पहले वैभव ऑस्ट्रेलिया अंडर-19, इंडिया ए और यूथ टेस्ट में भी शतक जड़ चुके हैं. आईपीएल और यूथ वनडे में भी उनका बल्ला जमकर बोला था.
वैभव सूर्यवंशी में क्या है खास?
अब सवाल ये है कि आखिर वैभव सूर्यवंशी में क्या खास है? तो जान लीजिए कि इस खिलाड़ी की सबसे बड़ी खासियत उनकी निडर बल्लेबाजी. इतनी कम उम्र में वह तेज गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक शॉट खेलने से नहीं हिचकते. उनकी टाइमिंग, बैट स्विंग और शॉट सिलेक्शन उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्व नजर आते हैं. इसके साथ ही दबाव में शांत रहना और बड़े मैचों में रन बनाना उन्हें खास बनाता है, वैभव में वह भूख और आत्मविश्वास साफ दिखता है, जो बड़े खिलाड़ी की पहचान होती है. यही वजह है कि अब उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा माना जा रहा है. देखना दिलचस्प होगा कि इस खिलाड़ी को कब सीनियर टीम में मौका मिलता है.
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