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Animal Husbandry: गाय पालने वाले पशुपालकों के लिए अच्छी खबर है. अब गाय बछड़ा की जगह सिर्फ बछिया ही जन्म देगी, इसके लिए सेक्स शार्टेड सीमेन तैयार किया गया है. इस सीमेन के प्रयोग से बछड़ों की जगह पर गायों में केवल बछिया का जन्म होगा. पशु विभाग के डॉक्टर का दावा है कि इस सीमेन के प्रयोग से 90 फीसद बछिया जन्म लेगी. जानें सब…
Animal Husbandry: पशुपालकों के लिए पशु प्रबंधन बड़ी चुनौती है. बछड़ा-बैल आवारा छोड़ने से सड़क हादसे बढ़ रहे हैं. समाधान के तौर पर वैज्ञानिकों ने सेक्स-सॉर्टेड सीमेन से कृत्रिम गर्भाधान सुझाया है. इसके माध्यम से लगभग 90 प्रतिशत तक मादा संतान यानी बछिया पैदा होने की संभावना रहती है. यह तकनीक खासतौर पर पशुपालकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित की गई है, ताकि नर बछड़ों की संख्या कम हो और दूध उत्पादन बढ़ाया जा सके.
मध्य प्रदेश पशुपालन एवं डेयरी विभाग इस तकनीक को दूध समृद्धि संपर्क अभियान के तहत लगातार प्रोत्साहित कर रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य पशु नस्ल में सुधार करना और किसानों की आय को बढ़ाना है. विभाग के अतिरिक्त उपसंचालक डॉ. जितेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया, अब बैल की उपयोगिता लगभग समाप्त हो चुकी है. बैल जन्म लेने पर किसानों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कई मामलों में उन्हें सड़कों पर छोड़ दिया जाता है, जिससे दुर्घटनाएं, अवैध तस्करी बढ़ जाती है. सेक्स सॉर्टेड सीमेन से बछिया जन्म लेने पर यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाती है. पशुपालक अधिक दूध देने वाले पशु पाल सकते हैं.
1500 का सीमेन 100 रुपये में…
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी कम लागत है. बाजार में सीमेन की कीमत 1200 से 1500 रुपये तक होती है, वहीं सरकार द्वारा अनुदान देकर इसे केवल 100 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है. प्रति पशु दो बार सीमेन डोज पर अनुदान मिलेगा. यदि गर्भ नहीं ठहरता या 10 प्रतिशत मामलों में नर बछड़ा पैदा होता है.
3 साल में आय होगी 5 गुना
डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया, इस तकनीक से पैदा होने वाली उन्नत नस्ल की गाय और भैंस प्रतिदिन 10 से 15 लीटर तक दूध देती हैं, जिससे किसानों की आय तीन वर्षों में 4 से 5 गुना तक बढ़ सकती है. सीधी सहित मध्य प्रदेश के सभी जिलों के पशु अस्पतालों में यह सीमेन उपलब्ध है. किसान अपनी गाय या भैंस के गर्मी में आने पर नजदीकी पशु चिकित्सालय, पशु औषधालय, पशु उपकेंद्र या क्षेत्राधिकारी से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा मोबाइल वेटरनरी यूनिट पशुधन संजीवनी 1962 पर कॉल कर घर बैठे भी यह सुविधा प्राप्त की जा सकती है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें