अनूपपुर जिले के जैतहरी वन क्षेत्र में पिछले छह दिनों से तीन हाथियों का झुंड जमा हुआ है। ये हाथी लगातार ग्रामीणों के घरों को तोड़ रहे हैं और खेतों में लगी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, जिससे इलाके में भारी दहशत है। ग्रामीण हाथियों के डर से रात-रात भर जा
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ये तीन हाथी करीब आठ दिन पहले छत्तीसगढ़ की सीमा पार कर मध्य प्रदेश में दाखिल हुए थे। ग्रामीणों का कहना है कि ये हाथी दिन भर तो जंगल में आराम करते हैं, लेकिन सूरज ढलते ही गांवों का रुख कर लेते हैं। मंगलवार को इन हाथियों ने पड़रिया पंचायत के गोढाटोला में कई घरों और खेतों को नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने पटाखे फोड़कर हाथियों को गांव से बाहर खदेड़ा। गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई।
6 से अधिक गांवों में मचाया उत्पात
हाथियों का यह झुंड कुकुरगोंड़ा, पड़रिया, क्योटार और कुसुमहाई जैसे गांवों के आसपास घूम रहा है। सोमवार की रात हाथियों ने विश्वनाथ भरिया और तुला राठौर के घर की दीवारें गिरा दी थीं, वहीं इससे पहले बेल्हाटोला में रामेश्वर सिंह के घर को भी निशाना बनाया था। हाथी खाने की तलाश में मिट्टी और पत्थर से बने घरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
हाथी रात में गांवों की ओर दिखाई दिए हैं।
वन विभाग की टीम कर रही निगरानी
वन विभाग का अमला हाथियों की पल-पल की लोकेशन पर नजर रखे हुए है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। इसके बावजूद हाथियों का आतंक कम नहीं हो रहा है। हाथी हर रात अपनी जगह बदल लेते हैं, जिससे उन्हें रोकना मुश्किल हो रहा है। विभाग अब हाथियों को सुरक्षित तरीके से रिहायशी इलाकों से दूर घने जंगल की ओर भेजने की कोशिश में जुटा है।