झाबुआ में सनातन धर्म के जागरण, हिंदू समाज की एकजुटता और गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने के संकल्प के साथ 11 जनवरी से बालाजी धाम गड़ावदिया से दो दिवसीय पदयात्रा सह वाहन यात्रा निकाली जाएगी।
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पीठाधीश्वर श्रीधर बैरागी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह यात्रा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर समाज में समानता का भाव जगाने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम बनेगी।
गड़ावदिया से शुरू होकर शिव जी के धाम देवझिरी तक जाएगी
यह यात्रा हनुमान जी के धाम गड़ावदिया से शुरू होकर शिव जी के धाम देवझिरी तक जाएगी। पहले दिन 11 जनवरी को, यात्रा गड़ावदिया धाम से रानीसिंग, घुघरी, करवड़, बामनिया और पेटलावद होते हुए थांदला पहुंचेगी। यहां मेट्रो गार्डन में रात्रि विश्राम होगा और एक ‘दिव्य दरबार’ का आयोजन किया जाएगा, जहाँ पर्चे के माध्यम से श्रद्धालुओं की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।
दूसरे दिन, 12 जनवरी को, यात्रा थांदला रोड, मेघनगर और झाबुआ शहर होते हुए देवझिरी पहुंचेगी। देवझिरी में एक ‘बालाजी भक्त समागम’ के साथ यात्रा का समापन होगा।
नई पीढ़ी को धर्म, संस्कृति और गौ-सेवा का महत्त्व समझाना मकसद
श्रीधर बैरागी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यात्रा के तीन मुख्य लक्ष्यों पर जोर दिया। इनमें हर हिंदू परिवार को गौ सेवा से जोड़ना, गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने हेतु वातावरण तैयार करना और समाज से जातिवाद और छुआछूत जैसी कुरीतियों को समाप्त कर समानता का भाव जगाना शामिल है।
यात्रा का एक अन्य लक्ष्य नई पीढ़ी को धर्म, संस्कृति और गौ-सेवा के महत्व से अवगत कराना भी है।
सुरक्षा के लिए दो डॉक्टरों की टीम रहेगी तैनात
श्रद्धालुओं के लिए यात्रा मार्ग में जगह-जगह जलपान, अल्पाहार और विश्राम की व्यवस्था की जाएगी। सुरक्षा के लिए दो डॉक्टरों की टीम और एम्बुलेंस पूरी यात्रा के दौरान साथ रहेगी।
गड़ावदिया धाम के सेवादार तैयारियों में जुटे हैं। यात्रा मार्ग में स्वागत द्वार और पुष्प वर्षा की योजना है। इस यात्रा को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में उत्साह देखा जा रहा है। यात्रा मार्ग में भजन-कीर्तन और बालाजी के जयघोष से पूरे अंचल में धार्मिक वातावरण बनाने की तैयारी है।