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अगर आप भी बागवानी का शौक रखते हैं और अपने बगीचे को सुंदर और सबसे अलग दिखने वाले फूलों से महकाना चाहते हैं, तो आज ही ये पांच विदेशी प्रजाति के फूल लगा दीजिए. जब पौधों पर रंग-बिरंगे फूल खिलेंगे, तो हर कोई खिंचा चला आएगा और आपसे यही पूछेगा कि फूल कहां से लाए हो.
डहलिया का वैज्ञानिक नाम डहलिया पिनाटा है. यह फूल एस्टेरेसी कुल का होकर मेक्सिको की मूल प्रजाति का है लेकिन यह भारतीय बगीचों की शान कहा जाता है. सूरजमुखी और गुलदाऊदी भी इसी कुल के हैं. यह सुंदर फूल सफेद, पीला, नारंगी, लाल, गुलाबी, बैंगनी सहित कई रंगों और आकारों में मिलता है. इसका पौधा नर्सरी में आसानी से उपलब्ध हो जाता है. डहलिया की खासियत इसके बड़े आकर के फूल हैं, जो 12 इंच तक चौड़े होते हैं. गहरे लाल या वाइन रंग के डहलिया फूल ठंड में बगीचे को प्रीमियम लुक देते हैं.

रुक्मिणी को इक्सोरा भी कहा जाता है. इसका वैज्ञानिक नाम इक्सोरा चिनेसिस है, जो रूबीएसी कुल से संबंध रखता है. यह पौधा मूल रूप से दक्षिण भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका में पाया जाता है लेकिन अब शहरों के गार्डन और गमलों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. यह एक सदाबहार फूल है और पूरे साल बगीचे को अपनी सुंदरता और खुशबू से महकाता है. आमतौर पर लाल और नारंगी रंग के फूल घने और गोल गुच्छों में खिलते हैं, जो दूर से ही चमकने लगते हैं.

टॉप पांच की लिस्ट में एडेनियम गुलाब भी शामिल है, जिसे रेगिस्तानी गुलाब भी कहा जाता है. इसका वैज्ञानिक नाम एडेनियम ओबेसम है. यह पौधा अफ्रीका और अरब प्रायद्वीप के शुष्क क्षेत्रों का मूल निवासी है लेकिन यह भारतीय बगीचों की शोभा बढ़ाता है. यह विदेशी फूलों में सबसे यूनिक माना जाता है. गुलाबी, लाल और सफेद रंगों में फूल बेहद सुंदर दिखते हैं. कम देखरेख की जरूरत होने से यह गमलों में भी खूब सजाया जाता है. हालांकि इसका दूधिया रस जहरीला होता है, इसलिए सावधानी जरूरी है.
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बटन क्राइसेंथेमम का वैज्ञानिक नाम क्राइसेंथेमम एसपीपी है. इसे बटन गुलदाउदी भी कहा जाता है, जो पूर्वी एशिया और यूरोप के कुछ हिस्सों का मूल निवासी है. ठंड के मौसम में खिलने वाला यह खूबसूरत फूल अपनी सुंदरता से हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है. इसके छोटे, गोल और बटन जैसे फूल बगीचे को बेहद सलीकेदार लुक देते हैं. सफेद, पीले, गुलाबी और हरे रंगों में मिलने वाला यह फूल न सिर्फ सजावटी है बल्कि चीन में इसका उपयोग पारंपरिक हर्बल चाय में भी किया जाता रहा है.

जिनिया उन विदेशी फूलों में शामिल है, जो कम देखभाल में भी शानदार नतीजे देता है. यह उत्तरी और पश्चिमी मेक्सिको का मूल निवासी है. इसके फूल आकार में छोटे होते हैं लेकिन रंग बेहद चटक होते हैं. लाल, गुलाबी, पीले और नारंगी रंगों में खिलने वाला जिनिया ठंड के मौसम में क्यारियों और गमलों दोनों के लिए उपयुक्त माना जाता है. किसी भी नर्सरी में यह पौधा आपको 40 से 50 रुपये में मिल जाएगा.