टीम इंडिया के दिग्गज रोहित शर्मा, विराट कोहली और आर अश्विन जैसे दिग्गजों का संन्यास के चर्चे पिछले साल जमकर चले. तीनों ने बिना किसी फेयरवेल के संन्यास का ऐलान कर दिया था. अब रोहित-कोहली के रिटायरमेंट का मुद्दा फिर तूल पकड़ गया है. पूर्व क्रिकेटर मोंटी पनेसर ने दोनों के फेयरवेल को लेकर बीसीसीआई पर तंज कस दिया है. रोहित शर्मा और विराट कोहली ने एक हफ्ते में ही इंस्टा स्टोरी लगाकर रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया था. वहीं, अश्विन ने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के बीच ही रिटायरमेंट लिया था जो सवालों के घेरे में था.
क्या बोले मोंटी पनेसर?
पनेसर ने कहा, ‘BCCI को आर अश्विन, रोहित शर्मा और विराट कोहली के लिए फेयरवेल टेस्ट मैचों की योजना बनानी चाहिए थी. वे उस सम्मान के हकदार थे. इंग्लैंड अपने खिलाड़ियों के रिटायर होने पर उनका जश्न मनाता है. उदाहरण के लिए, स्टुअर्ट ब्रॉड और जेम्स एंडरसन को शानदार फेयरवेल दिया गया. लेकिन भारत इस मामले में पीछे रह जाता है.’
10 हजार रन से पहले कोहली का संन्यास
कोहली को आधुनिक युग के महानतम बल्लेबाजों में से एक माना जाता है. उन्होंने 14 साल के अपने टेस्ट करियर का अंत 123 मैचों में 46.85 की औसत से 9,230 रन बनाकर किया. 10 हजार टेस्ट रन बनाने का सपना भी कोहली ने दफ्न कर दिया. उन्होंने 30 शतक और 31 अर्धशतक बनाए. कोहली का भारत के टेस्ट कप्तान के तौर पर भी सफल कार्यकाल रहा, और वह टेस्ट इतिहास में चौथे सबसे सफल कप्तान बने.
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रोहित का 40.57 का औसत
रोहित शर्मा ने 67 टेस्ट मैच खेले और 40.57 की औसत से 4,301 रन बनाए. उन्होंने 12 शतक और 18 अर्धशतक लगाए. एक ओपनर के तौर पर उनका औसत 42.81 था, जो और भी बेहतर था. उनकी कप्तानी में भारत 2023 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचा, जहां वे उपविजेता रहे.
रविचंद्रन अश्विन ने 106 मैचों में 24 की औसत से 537 विकेट लेकर अपने टेस्ट करियर का अंत किया. वह अनिल कुंबले के बाद टेस्ट में भारत के दूसरे सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. अश्विन ने बल्ले से भी योगदान दिया, छह शतक और 14 अर्धशतक बनाए। उनका आखिरी इंटरनेशनल मैच एडिलेड में डे-नाइट टेस्ट था. व्हाइट-बॉल क्रिकेट में, अश्विन ने वनडे और T20I मिलाकर 228 विकेट लिए. कुल मिलाकर, उन्होंने 765 इंटरनेशनल विकेट लिए और वह भारत की 2011 वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीमों का हिस्सा थे.