Century for India in T20 World Cup: टी20 विश्व कप का इतिहास 19 साल पुराना है. 2007 में इसका आगाज हुआ था. पहले ही सीजन में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को मात देकर खिताब जीता था. 20 ओवर के फॉर्मेट वाला यह वर्ल्ड कप आयोजन हर 2 साल में होता है. 2007 से लेकर 2024 तक इसके 9 सीजन हो चुके हैं और इस बार 10वां संस्करण होना है. ये वही मंच है, जहां टफ कॉम्पिटिशन होता है. एक बढ़िया क्रिकेट जंग देखने को मिलती है. बड़ी टीमों और बड़े खिलाड़ियों के बीच सबसे बेहतर करने की चुनौती और खिताब जीतने का टास्क रहता है. इस टूर्नामेंट के इतिहास में केवल 11 बल्लेबाज ही शतक लगा पाए हैं. भारत की तरफ से सिर्फ एक शतक लगा है.
टी20 विश्व कप के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भले ही विराट कोहली और रोहित शर्मा के नाम है, लेकिन ये दोनों दिग्गज कभी भी सेंचुरी नहीं बना पाए. ऐसे में सवाल ये है कि भारत की तरफ से इस इवेंट में इकलौते सेंचुरियन कौन हैं. मतलब किस बल्लेबाज ने शतक ठोका है. आपके इसी सवाल का जवाब लेकर हम हाजिर हुए हैं.
आखिर कौन है ये धुरंधर?
टी20 विश्व कप के इतिहास में सेंचुरी ठोकने वाला बल्लेबाज कोई और नहीं बल्कि सुरेश रैना हैं, जिन्हें एमएस धोनी का जिगरी दोस्त भी कहा जाता है. इस खिलाड़ी ने साल 2010 में वेस्टइंडीज में खेले गए टी20 विश्व कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ शतक ठोक इतिहास रचा था. वह उस मुकाबले में नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने उतरे थे, क्योंकि भारत का पहला विकेट बिना रन के गिर चुका था. हालात ठीक नहीं थे, टीम पर दबाव था. तभी रैना ने कमाल किया और शतक ठोक यादगार पारी खेली. उन्होंने 60 गेंदों पर 9 चौके और 5 छक्कों की मदद से 101 रनों की पारी खेली थी.
2026 में कौन करेगा ये कमाल
सुरेश रैना की 101 रनों की विस्फोटक पारी के दम पर भारत ने 186 रन बनाए थे और वह मैच 14 रनों से जीत लिया था. इसके बाद कई टी20 विश्व कप खेले गए. विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों ने भी कमाल किया, लेकिन कोई भी भारतीय बल्लेबाज इस उपलब्धि को दोहरा नहीं सका. अब 2026 में फैंस को उम्मीद है कि 16 साल बाद कोई न कोई बल्लेबाज इस रिकॉर्ड को जरूर दोहराएगा. अभिषेक शर्मा तूफानी ओपनर हैं, जो शतक ठोकने की क्षमता रखते हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि 7 फरवरी से शुरू होने जा रहे टी20 विश्व कप में टीम इंडिया का कोई खिलाड़ी शतक लगा पाता है या नहीं.
सुरेश रैना ने धोनी के साथ लिया था संन्यास
सुरेश रैना 2005 से लेकर 2018 तक भारत के लिए खेले थे. उन्होंने साल 2020 में एमएस धोनी के तुरंत बाद उसी दिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था. उन्हें धोनी का जिगरी कहा जाता है. दोनों कई सालों तक एक साथ टीम इंडिया के लिए खेले. आईपीएल में भी दोनों चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा रहे. सुरेश रैना और एमएस धोनी ने 15 अगस्त 2020 को एक साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था. उन्होंने 15 अगस्त का दिन इसलिए चुना था क्योंकि एमएस धोनी का जर्सी नंबर 7 और रैना का जर्सी नंबर 3 था, जिसे मिलकर 73 होता है और उस साल भारत ने आजादी के 73 साल पूरे किए थे. रैना ने भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में 322 मैच खेले और 32.87 की औसत से 7988 रन बनाए थे, जिसमें 7 शतक और 48 फिफ्टी शामिल हैं.
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