भाजपा विधायक बोले- नहर मरम्मत का पैसा खा गए अफसर: कहा- 12 करोड़ जारी हुए थे, सिर्फ डेढ़ करोड़ बचे; ओमप्रकाश धुर्वे किसानों के धरने पर पहुंचे – Dindori News

भाजपा विधायक बोले- नहर मरम्मत का पैसा खा गए अफसर:  कहा- 12 करोड़ जारी हुए थे, सिर्फ डेढ़ करोड़ बचे; ओमप्रकाश धुर्वे किसानों के धरने पर पहुंचे – Dindori News



डिंडौरी की शहपुरा विधानसभा से भाजपा विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों पर नहर मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। विधायक ने भारतीय किसान संघ की चिंताओं का समर्थन करते हुए विभाग की

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विधायक ओमप्रकाश धुर्वे 30 दिसंबर को वीरांगना रानी दुर्गावती स्टेडियम में भारतीय किसान संघ के धरना स्थल पर किसानों से चर्चा करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि बिलगांव नहर परियोजना की मरम्मत के लिए 12 करोड़ रुपए जारी किए गए थे, लेकिन अधिकारियों ने मरम्मत कार्य कराए बिना ही राशि का दुरुपयोग किया।

उन्होंने दावा किया कि “डेढ़ करोड़ रुपए बचे हैं, बाकी सब अधिकारी खा गए”। बांध के पास रिसाव की समस्या बनी हुई है। विधायक ने बताया कि मेहदवानी विकासखंड के दनदना बांध की भी यही स्थिति है। उन्होंने अधिकारियों को गर्मी में पानी खाली कर जांच के निर्देश दिए थे, जिसे अनसुना कर दिया गया।

भारतीय किसान संघ की प्रमुख मांगें

जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू के नेतृत्व में किसानों ने कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। उनकी मुख्य मांगें ये हैं-

बिजली समस्या: लो-वोल्टेज से निजात पाने के लिए 132 केवी सब-स्टेशन की स्थापना।

सिंचाई कनेक्शन: RDSS और फीडर सेपरेशन के तहत किसानों को स्थायी जल स्रोतों तक कनेक्शन लाइनें उपलब्ध कराना।

सुरक्षा: बिलगढ़ा बांध में सायरन लगवाना और वेस्ट बेयर के ऊपरी हिस्से में फेंसिंग करना।

पानी की उपलब्धता: जिले के 97 बांधों से 291 गांवों को पानी मिलना था, लेकिन 50 गांवों के किसान अब भी वंचित हैं।

भ्रष्टाचार की जांच: जल संसाधन विभाग में मनरेगा के तहत हुई साफ-सफाई में कथित भ्रष्टाचार की जांच।

समर्थन मूल्य और निधि: ‘मोदी की गारंटी’ के तहत धान ₹3100 और गेहूं ₹2700 प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदना, तथा किसान सम्मान निधि में हो रही लापरवाही को दूर करना।

बीज अनुदान: कृषि विभाग द्वारा पिछले चार वर्षों से बीज वितरण पर देय अनुदान राशि का भुगतान करना।

अधिकारियों का पक्ष

जब इस मामले में जल संसाधन विभाग के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर सुरेंद्र शर्मा से बात की गई, तो उन्होंने विधायक के आरोपों के विपरीत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लगभग चार साल पहले लाइनिंग के लिए 9 करोड़ रुपए जारी हुए थे और वह काम भी हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कोई नई राशि जारी नहीं हुई है और वे रिकॉर्ड देखकर ही जानकारी दे पाएंगे।

किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान विधायक धुर्वे के साथ एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा भी चर्चा के लिए मौके पर मौजूद थे।



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