नई दिल्ली. बंगाल क्रिकेट टीम के हेड कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला भारतीय चयन समिति से बिल्कुल खुश नहीं हैं. 3 जनवरी को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारत की टीम का ऐलान किया, जिसमें मोहम्मद शमी को एक बार फिर नजरअंदाज किया गया. खबरें आ रही थीं कि अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की भारतीय टीम में वापसी होगी. शमी 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे, लेकिन उसके बाद से वह टीम इंडिया के लिए नहीं खेले हैं.
क्या शमी के साथ नाइंसाफी हुई?
शमी 2025-26 के घरेलू सीजन की शुरुआत से लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं. वह रणजी ट्रॉफी में बंगाल के दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. इसके अलावा सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में भी वह सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे हैं. ऐसे में न तो उनकी फिटनेस पर सवाल है और न ही फॉर्म पर, फिर भी उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है. टीम ऐलान से पहले विजय हजारे ट्रॉफी में शमी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मैच जिताए. फैंस का कहना है कि यह शमी के साथ नाइंसाफी है.
शमी फिर हुए नजरअंदाज
चयन समिति ने न्यूजीलैंड सीरीज के लिए युवा तेज गेंदबाजों पर भरोसा जताया है. मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा को टीम में चुना गया है. वहीं, 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी को देखते हुए भारत के मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया है. लक्ष्मी रतन शुक्ला का मानना है कि शमी को टीम से बाहर रखना बिल्कुल गलत फैसला है. उन्होंने इसे ‘शर्मनाक’ तक बता दिया. इस घरेलू सीजन में 16 मैचों में 47 विकेट लेने के बावजूद शमी को नजरअंदाज किया गया. इसमें चार रणजी ट्रॉफी मैचों में उन्होंने 20 विकेट चटकाए. इसके अलावा सात सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी मैचों में 16 विकेट और अब तक पांच विजय हजारे ट्रॉफी मैचों में 11 विकेट ले चुके हैं.
लक्ष्मी रतन शुक्ला ने RevSportz से बात करते हुए कहा, ‘चयन समिति ने मोहम्मद शमी के साथ नाइंसाफी की है. हाल के समय में किसी भी इंटरनेशनल खिलाड़ी ने शमी जितनी मेहनत और लगन से घरेलू क्रिकेट नहीं खेला है. घरेलू क्रिकेट में इतना अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी शमी के साथ जो हुआ, वह शर्मनाक है.’
न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम
शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, वाशिंगटन सुंदर, रवींद्र जड़ेजा, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, यशस्वी जायसवाल.