आयुर्वेद टिप्स: एक अकेला पौधा… 81 रोगों में कारगर, मुंह के छालों से लेकर निमोनिया तक करे ठीक!

आयुर्वेद टिप्स: एक अकेला पौधा… 81 रोगों में कारगर, मुंह के छालों से लेकर निमोनिया तक करे ठीक!


Health Tips: अडूसा नाम का पौधा पाया जाता है. इसको आयुर्वेद में वासा कहते हैं. इस पौधे की जड़, पत्ती, तना, फल, फूल सब कुछ उपयोगी माना गया है. इसके औषधीय गुणों का अंदाजा आप ऐसे लगा सकते हैं कि इंसानों में होने वाले 81 तरह के रोगों का इलाज इस अकेले पौधे से संभव है. लेकिन, सर्दियों में यह मुख्य रूप से जुकाम, श्वास संबंधी बीमारियों में उपयोग किया जाता है. जिन लोगों को इस पौधे का महत्व पता है, वे इसकी पत्तियों से लेकर फूल तक को ड्राई करके पाउडर बनाकर रख लेते हैं. जब आवश्यकता पड़ती है तो उस पाउडर को शहद में मिलाकर उपयोग करते रहते हैं.

बुंदेलखंड के सागर में इस पौधे को कई जगहों पर लगा हुआ देखा जा सकता है, लेकिन ज्यादातर लोगों को इसके औषधीय महत्व के बारे में जानकारी नहीं होती. जबकि, यह पौधा दाद, खाज, खुजली, सर्दी, जुकाम, वात जैसी बीमारियों में उपयोग किया जाता है. इस पौधे की पत्तियों का पाउडर ऐसे लोगों के लिए वरदान है, जिन्हें लंबे समय से सूखी-गीली खांसी या कफ फंसने जैसी समस्या हो रही है. ऐसे लोग शहद या शुद्ध घी में 1 से 2 ग्राम इस पाउडर को ले सकते हैं, जिससे उन्हें राहत मिलेगी. इसके पत्तों का काढ़ा पीने से फेफड़ों की सफाई होती है.

मुंह के छाले, दुर्गंध, सूजन का इलाज
अडूसा का पौधा इतना लाभदायक होता है कि अगर किसी के मसूड़े में सूजन है, मुंह से दुर्गंध आ रही है तो इसकी दातून करने से समस्या से निजात मिल सकती है. लेकिन, यह नीम की तरह कड़वा होता है. अगर किसी के मुंह में छाले हैं तो इसके दो से चार पत्ते दिन में दो-तीन बार चबाकर रस चूस लेने से छाले में आराम मिलता है.

सिर का सॉलिड इलाज
अगर किसी को बार-बार सिर दर्द की समस्या है तो वह अंग्रेजी दवा छोड़कर अडूसा के पौधे के फूलों को सुखाकर रख ले, जब भी सिर दर्द हो तो वह गुड़ में मिलाकर खा ले, आराम मिलेगा. इससे उसका खर्च भी बचेगा और अंग्रेजी दावा का साइड इफेक्ट भी नहीं देखना पड़ेगा. धीरे-धीरे इसका इस्तेमाल करने से इस तरह होने वाला सिर दर्द में कम होने लगेगा.

इस विधि से निकालें रस
सागर में जिला आयुष चिकित्सालय के डॉ. जोगेंद्र सिंह बताते हैं कि ठंड में सांस फूलने पर इसका रस निकालकर उपयोग किया जाता है, लेकिन आयुर्वेद में पुट-अप विधि से इसका रस निकालते हैं. इसके लिए अडूसा के पौधे की पत्तियों को लेकर मिट्टी में या आते में लपेटते हैं, फिर इसको धीमी आंच में गर्म होने के लिए डाल देते हैं. जब यह गर्म हो जाता है तब बाहर निकाल कर इसका रस निकालते हैं. फिर ढाई से 4 ml तक सुबह शाम इसको पीने से बड़ी से बड़ी सर्दी, खांसी, श्वास रोग में आराम मिलता है.

अगर आपको यह पौधा नहीं मिल रहा है या आप इसका सही तरीके से रस नहीं निकाल सकते हैं तो सरकारी आयुष अस्पतालों में इसके रस की शीशी  उपलब्ध रहती है, जहां संबंधित बीमारी होने के बाद डॉक्टर आपको सजेस्ट कर सकता है या आप उनको बता कर ले सकते हैं.

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



Source link