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Animal Care Tips: दुधारू पशुओं के लिए हरा और ताजा चारा सबसे अच्छा माना जाता है. लेकिन, हर पशुपालक के पास हर समय हरा चारा उपलब्ध नहीं हो पाता. जो पशुपालक हरा चारा नहीं दे पा रहे, उनके लिए यहां डॉक्टर ने बेहतरीन तरीका बताया है, इससे दूध उत्पादन बढ़ेगा. जानें…
Animal Care Tips: बदलते मौसम और खानपान में लापरवाही का सीधा असर दुधारू पशुओं पर पड़ता है. कई बार सही पोषण न मिलने की वजह से गाय और भैंस में दूध उत्पादन कम होने लगता है. साथ ही पशुओं में कमजोरी, सुस्ती और बार-बार बीमार पड़ने की समस्या भी सामने आती है. इसका नुकसान सीधे पशुपालकों की आमदनी पर पड़ता है. विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर पशुओं को उनकी क्षमता के अनुसार संतुलित आहार दिया जाए तो इस परेशानी से आसानी से बचा जा सकता है.
खरगोन के पशु चिकित्सक डॉ. भारत पटेल के अनुसार, दुधारू पशुओं के लिए हरा और ताजा चारा सबसे अच्छा माना जाता है. लेकिन, हर पशुपालक के पास हर समय हरा चारा उपलब्ध नहीं हो पाता. ऐसे में पशुओं को दूध देने की क्षमता के अनुसार दाना और सूखा चारा देना जरूरी हो जाता है. सही मात्रा में आहार मिलने से पशु स्वस्थ रहता है और दूध उत्पादन भी बना रहता है.
दूध के हिसाब से दें दाने की मात्रा
डॉ. पटेल बताते हैं कि अगर भैंस से एक लीटर दूध उत्पादन चाहिए तो उसे करीब आधा किलो दाना देना चाहिए. वहीं, गाय के लिए एक लीटर दूध पर लगभग 400 ग्राम दाना पर्याप्त होता है. इस समय ठंड का मौसम है, इसलिए पशु के शरीर के रखरखाव के लिए रोजाना एक किलो अतिरिक्त सूखा दाना भी देना चाहिए. इससे पशु को गर्मी और ऊर्जा मिलती है और दूध उत्पादन में बढ़ोतरी होती है. अगर हरा चारा उपलब्ध हो तो दाने की मात्रा में करीब 30 फीसदी तक कमी की जा सकती है.
कैल्सियम और मिनरल क्यों हैं जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि जो पशु रोजाना 10 लीटर से ज्यादा दूध देते हैं उनमें कैल्सियम और मिनरल की जरूरत बढ़ जाती है. ऐसे पशुओं को दिन में एक बार 100 एमएल कैल्सियम तरल रूप में देना चाहिए. इसके साथ रोजाना 30 ग्राम मिनरल मिक्सचर देना भी जरूरी है. इससे न सिर्फ दूध उत्पादन बढ़ता है बल्कि पशु सही समय पर हीट में आता है और गर्भधारण की क्षमता भी बेहतर होती है.
कैसे दें कैल्सियम और मिनरल मिक्सचर
कैल्सियम और मिनरल मिक्सचर बाजार में आसानी से मिल जाते हैं. कैल्सियम तरल रूप में होता है जिसे गेहूं भूसी, मक्का भूसी, ज्वार, बाजरा या अन्य पशु आहार में मिलाकर दिया जा सकता है. वहीं मिनरल मिक्सचर नमक की तरह होता है जिसमें कई जरूरी खनिज तत्व शामिल रहते हैं. ये खनिज पशु की हड्डियों को मजबूत बनाते हैं. शरीर में चमक लाते हैं और कमजोरी को दूर करते हैं. साथ ही बार बार गर्भ ठहरने के बाद न टिकने जैसी समस्याओं से भी राहत मिलती है.
नस्ल सुधार में मददगार है नई तकनीक
डॉ. भारत पटेल का कहना है कि दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और नस्ल सुधार के लिए सेक्स सॉर्टेड सीमन काफी कारगर साबित हो रहा है. इसके इस्तेमाल से करीब 90 फीसदी तक बछिया होने की संभावना रहती है. इससे भविष्य में अच्छी दुधारू नस्ल तैयार होती है और पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने में भी मदद मिलती है. सही आहार और देखभाल अपनाकर पशुपालक अपने पशुओं को स्वस्थ रख सकते हैं और बेहतर लाभ कमा सकते हैं.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें