बालाघाट जिले में नए साल के पहले हफ्ते में शीतलहर का प्रकोप जारी है। उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं और कोहरे के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोग कड़ाके की ठंड से ठिठुर रहे हैं। मौसम विभाग ने आगामी सोमवार और मंगलवार को मौसम साफ होने के ब
.
रविवार को बालाघाट शहर सुबह से ही घने कोहरे की चादर में लिपटा रहा। तालाबों और नदी किनारे विशेष रूप से घना कोहरा देखा गया। धुंध के कारण विजिबिलिटी काफी कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को दिन के समय भी अपनी गाड़ियों की लाइट जलाकर चलना पड़ा।
कड़ाके की ठंड से बचाव के लिए अलाव तापते लोग।

घने कोहरे में लिपटा बालाघाट, विजिबिलिटी काफी कम रही।
नगरपालिका ने चौक-चौराहों अलाव जलाने की व्यवस्था की
मौसम में आए इस अचानक बदलाव से पूरा जिला शीतलहर की चपेट में है। वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर अधिक महसूस किया जा रहा है। जिले के बैहर, उकवा, मलाजखंड, बिरसा, लामता और परसवाड़ा जैसे क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसके अतिरिक्त, किरनापुर, लांजी, बालाघाट, वारासिवनी, खैरलांजी, तिरोड़ी और कटंगी के इलाकों में भी लोग ठंड से परेशान हैं।
ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। जनवरी महीने में बढ़ती ठंड को देखते हुए, नगरपालिका ने नगर के विभिन्न चौक-चौराहों, बस स्टैंड और ऑटो स्टैंड सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने के लिए लकड़ियों की व्यवस्था की है।
मौसम में बदलाव से सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ी
बदलते मौसम और अचानक बढ़ी ठंड का लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। अस्पतालों में सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, ओपीडी में ज्यादातर मरीज बुखार, सर्दी और गले में खराश की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।