नर्मदा ने रचा इतिहास! प्राकृतिक केनो ट्रैक से सरकार के बचे 400 करोड़, जानिए ट्रैक की खूबियां

नर्मदा ने रचा इतिहास! प्राकृतिक केनो ट्रैक से सरकार के बचे 400 करोड़, जानिए ट्रैक की खूबियां


Natural Canoe Slalom Track: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में स्थित महेश्वर सिर्फ अपनी ऐतिहासिक विरासत और नर्मदा घाटों के लिए ही नहीं, बल्कि एक अनोखी खेल उपलब्धि के लिए भी देशभर में पहचाना जा रहा है. यहां नर्मदा नदी के बीचों बीच बना प्राकृतिक कैनो स्लालम ट्रैक देश का इकलौता ऐसा ट्रैक है, जिसे किसी मशीन या तकनीक से नहीं, बल्कि खुद प्रकृति ने तैयार किया है. यही वजह है कि यह ट्रैक देश ही नहीं, दुनिया के चुनिंदा बेहतरीन ट्रैकों में गिना जाता है.

महेश्वर से करीब 4 किलोमीटर दूर सहस्त्रधारा क्षेत्र में स्थित यह ट्रैक पूरी तरह प्राकृतिक है. नदी की चट्टानें, पानी का बहाव, घुमाव और उतार-चढ़ाव ने यहां एक ऐसा ट्रैक बनाया है, जो कैनो स्लालम और क्याकिंग जैसे रोमांचक खेलों के लिए बिल्कुल परफेक्ट है. खास बात यह है कि यहां पानी का लेवल भी कम ज्यादा खुद प्रकृति करती है. जिसकी वजह से खिलाड़ियों को अलग-अलग परिस्थितियों में प्रैक्टिस करने का मौका मिल जाता है.

यह ट्रैक किसी वरदान से कम नहीं
महेश्वर में स्थित मध्य प्रदेश कैनो स्लालम एकेडमी की असिस्टेंट कोच चम्पा मौर्य ने लोकल18 से बातचीत में बताया कि महेश्वर का यह ट्रैक देश का अकेला ऐसा ट्रैक है, जो पूरी तरह प्राकृतिक है. उन्होंने कहा कि आमतौर पर जहां कृत्रिम ट्रैक बनाए जाते हैं, वहां पानी को कभी कम तो कभी ज्यादा करना पड़ता है, लेकिन यहां नर्मदा खुद यह काम कर देती है. मौसम और जलस्तर के हिसाब से पानी अपने आप बदलता रहता है, जिससे हर तरह की प्रतियोगिता कराना आसान हो जाता है.

चम्पा मौर्य के मुताबिक, अगर कहीं कृत्रिम ट्रैक बनाना हो तो सरकार को 200 से 400 करोड़ रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं. मशीनें, गेट और कंट्रोल सिस्टम लगाना पड़ता है. जबकि महेश्वर में कुदरत ने बिना एक रुपया खर्च किए ऐसा ट्रैक बना दिया है, जो इंटरनेशनल लेवल का है. अगर सरकार इस ट्रैक में थोड़ा बहुत सुधार कर दे, तो भविष्य में यहां इंटरनेशनल लेवल की प्रतियोगिताएं भी आसानी से कराई जा सकती हैं.

महेश्वर के ट्रैक पर विदेश जैसी तैयारी
कोच चम्पा मौर्य बताती हैं कि इंटरनेशनल लेवल की प्रतियोगिताएं अक्सर गहरे पानी और तेज बहाव में होती हैं, जो खिलाड़ियों के लिए काफी चुनौती भरा होता है. महेश्वर का यह प्राकृतिक ट्रैक खिलाड़ियों को वही माहौल देता है. पानी ज्यादा होने की वजह से यहां प्रैक्टिस करना आसान और सुरक्षित दोनों है. यही कारण है कि मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों को बाहर जाकर ट्रेनिंग करने में ज्यादा परेशानी नहीं होती.

सालभर होते हैं बड़े मुकाबले
इस ट्रैक पर अब तक कई नेशनल और स्टेट लेवल की प्रतियोगिताएं हो चुकी हैं. यहां ओलंपिक में शामिल कैनो स्लालम के सभी बड़े इवेंट कराए जाते हैं. जनवरी में भी यहां बड़ी प्रतियोगिताएं होने जा रही हैं. 12 जनवरी 2026 को एशियन गेम्स के क्वालिफिकेशन होंगे, जबकि 13 से 15 जनवरी तक नेशनल चैंपियनशिप आयोजित की जाएगी. इसमें देश के 12 से 15 राज्यों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे.

फ्लैट वाटर एक्टिविटी की सुविधा भी
कोच मौर्य का कहना है कि महेश्वर इसलिए भी खास है क्योंकि यहां रफ वाटर ट्रैक के साथ-साथ फ्लैट वाटर की सुविधा भी मौजूद है. नर्मदा का शांत पानी फ्लैट वाटर प्रैक्टिस के लिए काफी बेहतर माना जाता है. अकेडमी में करीब 30 से 35 खिलाड़ी रहते है, जो सुबह-शाम नर्मदा में बोटिंग और क्याकिंग प्रेक्टिस करते हैं. बेहतर सुविधा और नेचुरल ट्रैक होने से एकेडमी से निकले कई खिलाड़ियों ने नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर मेडल जीते हैं.



Source link