देवरी क्षेत्र में सुबह से हाईवे पर रहा कोहरे का असर।
उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने सागर में कड़ाके की ठंड का अहसास करा दिया है। मौसम के अचानक बदलने से दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट आई है। दिन का तापमान 22 डिग्री, जबकि रात का पारा लुढ़ककर 10 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। रविवार सुबह शहर
.
पारा 6 डिग्री से नीचे जाए तो करें ये उपाय लगातार गिरते तापमान से फसलों को पाले का खतरा बढ़ गया है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है…
- मेड़ों पर धुआं करें: यदि तापमान 6 डिग्री से नीचे जाता है, तो खेत की मेड़ों पर सूखा व गीला कचरा जलाकर धुआं करें। इससे तापमान स्थिर रहता है।
- गेहूं में पीलापन: गेहूं की फसल पीली पड़ने पर प्रति एकड़ 150 लीटर पानी में 1 किलो एनपीके और 300 ग्राम जिंक सल्फेट घोलकर छिड़काव करें।
- धनिया-मसूर में माहू: माहू का प्रकोप दिखने पर थायोमेथॉक्सिम (25) या इमिडाकलोपिड (17.5 एसएल) की 100 मिली मात्रा को 150 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिड़कें।
सुबह से बादलों के बीच रहा कोहरा।
सर्दी-खांसी और बुखार के मरीज बढ़े ठंड का असर सेहत पर भी दिखने लगा है। जिला अस्पताल और बीएमसी में सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सीएमएचओ डॉ. ममता तिमोरी ने बताया कि ठंड को देखते हुए सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
हाइपोथर्मिया और फ्रॉस्टबाइट को पहचानें स्वास्थ्य विभाग ने एनडीएमए की गाइडलाइन के आधार पर एडवाइजरी जारी की है:
- जोखिम: 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग, 5 साल से कम उम्र के बच्चे, और दिल-सांस के मरीजों को ज्यादा खतरा है।
- हाइपोथर्मिया: यदि ठंड लगने से व्यक्ति बेहोश हो जाए, नाड़ी या सांस धीमी हो जाए, तो यह मेडिकल इमरजेंसी है। तुरंत अस्पताल ले जाएं।
- फ्रॉस्टबाइट: त्वचा का पीला, सख्त या सुन्न पड़ना और उंगलियों, नाक-कान पर काले छाले पड़ना फ्रॉस्टबाइट के लक्षण हैं।
- खानपान: विटामिन-सी युक्त फल, सब्जियां और गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें।

दोपहर के समय हल्की धूप खिली।