सिर्फ काटना नहीं…कुत्ते का चाटना भी खतरनाक, ये जानवर भी फैलाते हैं बीमारी

सिर्फ काटना नहीं…कुत्ते का चाटना भी खतरनाक, ये जानवर भी फैलाते हैं बीमारी


सीधी. आजकल घरों में जानवर पालने का चलन तेजी से बढ़ रहा है. कुत्ता, बिल्ली, मुर्गी और तोता जैसे पालतू जानवर लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं. ये न सिर्फ घर में खुशी और सुकून लाते हैं बल्कि तनाव कम करने में भी मदद करते हैं. हालांकि जितना प्यार हम अपने पेट्स को देते हैं, उतना ही जरूरी है उनसे जुड़ी सेहत की सावधानियों को समझना क्योंकि ये प्यारे जानवर अनजाने में कई गंभीर संक्रामक बीमारियों का कारण बन सकते हैं. मध्य प्रदेश के सीधी जिला पशु चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ सलिल कुमार पाठक ने लोकल 18 को बताया कि जानवरों और पक्षियों से इंसानों में फैलने वाली बीमारियों को जूनोटिक डिजीज कहा जाता है. ये रोग जानवरों के काटने, चाटने, उनकी लार, रूसी, मल या मूत्र के संपर्क में आने से फैल सकते हैं. भले ही पालतू जानवरों का समय-समय पर टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच कराई जाती हो, फिर भी कुछ बीमारियां तेजी से इंसानों में फैलती हैं और घातक साबित हो सकती हैं.

डॉ सलिल कुमार पाठक ने कहा कि बिल्लियों से फैलने वाला टॉक्सोप्लाज्मोसिस एक गंभीर संक्रमण है, जो टॉक्सोप्लाज्मा गोंडी नामक परजीवी से होता है. बिल्लियां जब संक्रमित चूहों का शिकार करती हैं, तो यह परजीवी उनमें पहुंच जाता है. यह बीमारी खासतौर पर गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए खतरनाक मानी जाती है. इससे बचाव के लिए बिल्लियों को साफ-सुथरा रखें, कचरे में खाना न खाने दें और कच्चा या अधपका मांस बिल्कुल न खिलाएं.

सिटाकोसिस से सतर्क रहने की जरूरत
उन्होंने आगे कहा कि अगर घर में पालतू तोता है, तो सिटाकोसिस से सतर्क रहने की जरूरत है. यह क्लैमाइडोफिला बैक्टीरिया से फैलने वाला संक्रमण है, जो संक्रमित पक्षियों के सूखे स्त्राव को सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करता है. इसके लक्षणों में बुखार, ठंड लगना, खांसी और शरीर दर्द शामिल हैं. पक्षियों के पिंजरे की रोजाना सफाई इस खतरे को कम कर सकती है.

पिस्सुओं से फैलता है संक्रमण
डॉ पाठक ने कहा कि रिंगवॉर्म और टैपवॉर्म कुत्ते और बिल्लियों में आम पाए जाते हैं. ये संक्रमण पिस्सुओं के जरिए फैलते हैं. हालांकि ये अक्सर हल्के होते हैं लेकिन घर में छोटे बच्चे या गर्भवती महिला होने पर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है. रेबीज सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक है, जो संक्रमित जानवर की लार से फैलती है. अगर समय रहते इलाज न मिले, तो यह जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए कुत्तों का नियमित टीकाकरण बेहद जरूरी है.

किडनी को हो सकता है नुकसान
उन्होंने कहा कि इसके अलावा लेप्टोस्पायरोसिस कुत्तों और चूहों से फैलने वाली बीमारी है, जो संक्रमित मूत्र के जरिए पानी और मिट्टी में फैलती है. बुखार, उल्टी और कमजोरी इसके प्रमुख लक्षण हैं और समय पर इलाज न होने पर किडनी को नुकसान पहुंच सकता है. जानवरों से प्यार करना अच्छी बात है लेकिन उनके साथ रहते हुए साफ-सफाई, सतर्कता और नियमित स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है ताकि आप और आपका परिवार सुरक्षित रह सके.



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