2026 का विजन या पुराना रिवीजन‌ ‌!: साल नया, जाम वही – फाइलों में सरपट दौड़ता ट्रैफिक प्लान और सड़कों पर रेंगती जिंदगी – Gwalior News

2026 का विजन या पुराना रिवीजन‌ ‌!:  साल नया, जाम वही – फाइलों में सरपट दौड़ता ट्रैफिक प्लान और सड़कों पर रेंगती जिंदगी – Gwalior News



शहर की यातायात व्यवस्था बदहाली की पहचान बन चुकी है। सालों से ट्रैफिक सुधार के नाम पर बैठकों में योजनाएं बनती रहीं, फाइलें चलीं, लेकिन सड़कों पर हालात जस के तस हैं। हर साल ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम और प्रशासन हमारे टैक्स के पैसों से नया प्लान पेश करते ह

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दावे होते हैं, लेकिन हकीकत में वही जाम। तिराहे-चौराहों पर जाम आमबात हो गई है। पुलिस की आंखों के सामने नियम टूट रहे हैं। ओवरस्पीडिंग, सिग्नल जंप और बेतरतीब ऑटो- ई-रिक्शा का आतंक रोजमर्रा की बात है। सड़कों पर गड्ढे हैं, फुटपाथ गायब हैं और अतिक्रमण खुलेआम बढ़ रहा है। यातायात पुलिस का फोकस सुधार नहीं, चालान के नाम पर वसूली पर है। निगम अतिक्रमण हटाने के बजाय मैनेजमेंट में जुटा है। प्रशासन सब जानता है, फिर भी खामोश है।

जाम का कारण-14 लाख की आबादी, वाहन 8.40 लाख

14 लाख की आबादी वाले शहर में 8.40 लाख वाहन हैं। इनमें 1.54 लाख चार पहिया, 6 लाख से ज्यादा दो पहिया और करीब 25 हजार ऑटो, ई-रिशा और विक्रम हैं। जाम वाले 17 चौराहे: शहर में 125 चौक-चौराहों हैं। शाम को हर घंटे 1.20 लाख वाहन गुजरते हैं। शाम 6 से 7 बजे जाम चरम पर रहता है। बाड़े पर इस समय में हर घंटे 8,825, गोला का मंदिर चौराहे पर 8,251, हजीरा पर 4,512, नदी गेट पर 4,952, मेडिकल चौराहा 4,125 और शिंदे की छावनी 4,523 वाहन गुजरते हैं, जो रोज जाम झेलते हैं।

जानिए किस विभाग की क्या जिम्मेदारी… और कौन निभा रहा है अपना काम, कौन नहीं

नगर निगम: शहर की सड़कों दुरस्त करना, फुटपाथों का निर्माण, रोड मार्किंग, व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था की जिम्मेदारी है। हकीकत: सड़कों पर गड्डे हैं। फुटपाथ तो छोड़िए रोड पर हॉकर्स का कब्जा है। व्यवस्थत पार्किग नहीं है।

आरटीओ: वाहनों के परमिट जारी करना, पंजीयन करना और लोक परिवहन के रूट तय करना मूल जिम्मेदारी है। हकीकत: बिना परमिट वाहनों पर कार्रवाई बंद है। नए रूट परमिट जारी नहीं हो रहे।

यातायात पुलिस: शहर में 3 ट्रैफिक थानों को ट्रैफिक को व्यवस्थित रखने और निगम के साथ मिलकर रोड से अतिक्रमण हटवाने की है। हकीकत: पुलिस का फोकस ट्रैफिक सुधार नहीं, बल्कि नियम तोड़ने वालों के चालान करने की है।

पुलिस का साल 2026 में फिर सपनों का प्लान

प्लान: वर्ष 2026 में पुलिस ने फिर बड़ी राहत के सपने दिखाए हैं। निगम -जिला प्रशासन के साथ ट्रैफिक सुधार योजना बनाई है। दावा-100 नए स्थानों पर 400 कैमरे लगेंगे। इससे रॉन्ग साइड, दोपहिया पर तीन सवारी पर कार्रवाई होगी। ई-रिक्शा-ऑटो के नए रूट तय होंगे। सड़क पर पार्किंग पर रोक लगेगी, संकरी रोड चौड़ी करेंगे, लेफ्ट टर्न फ्री होंगे और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भारी वाहनों की एंट्री रोकी जाएगी।

हकीकत: पहले भी यही प्लान यही प्लान 2025 में भी बना था। न दो शिफ्ट चलीं, न रूट तय हुए, न अतिक्रमण हटा। कैमरे लगे, घोषणाएं हुईं, बैठकें चलीं। जमीन पर कुछ नहीं बदला। आज भी जाम और अव्यवस्था कायम है। पुलिस के 575 और स्मार्ट सिटी के 442 कैमरे लगे ​हैं। इन कैमरों से आज तक ट्रैफिक नहीं सुधार पाया। अब फिर 100 कैमरे लगाकर ट्रैफिक सुधार का दावा है।

ये हो सकते हैं समाधान

  • शहर में विकल्प बनें तभी ट्रैफिक का दबाव बंटेगा और शहर को जाम से राहत मिलेगी।
  • राजपायगा तिराहे से कस्तूरबा रोड होकर अस्पताल कैंपस के अंदर से नया बाजार-दाल बाजार-इंदरगंज की ओर 2 किमी वैकल्पिक मार्ग बना सकते हैं।
  • एयरपोर्ट से 7 नंबर तक 15 किमी सर्कल रोड, द्वारिकाधीश मंदिर से नदी पार टाल रोड के जरिए मुरार-वैशाली नगर को जोड़ने वाला मार्ग बना सकते हैं।

पुलिस ने वर्ष 2025 में 2.83 करोड़ वसूले, फिर भी टूट रहे नियम : पुलिस ने वर्ष 2025 में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर 61623 लोगों से 2.83 करोड़ रुपए चालान से वसूले, लेकिन सुधार के नाम पर कुछ नहीं किया। इसी का परिणाम है कि न वाहनों की रफ्तार कम हुई, न रॉन्ग साइड चलने वालों पर लगाम लगी। लोग आज भी बेखौफ नियम तोड़ रहे हैं। इससे पहले वर्ष 2024 में में 53,772 नियम तोड़ने वालों से 2.43 करोड़ रुपए वसूले गए। यानी दो साल में 5 करोड़ से ज्यादा की वसूली, फिर भी हालात वही हैं।

जिम्मेदार बोले-

सड़कों से अतिक्रमण हटाएंगे, पा​र्किंग को बेहतर करेंगे ^सड़कों और फुटपाथ पर हॉकर्स के कब्जे को हटाया जाएगा। जहां-जहां सड़कें खराब हैं वहां इनको सही कराने का काम तेजी से किया जा रहा है। वाहन पार्किंग के लिए नए स्थान चिहि़त किए जाएंगे। जिससे लोगों को परेशानी न हो। -संघप्रिय, निगमायुक्त

अभियान चलाएंगे, बिना परमिट वाहनों पर करेंगे कार्रवाई ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत बिना परमिट दौड़ रहे ऑटो-रिक्शा समेत सभी नियम उल्लंघन करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -विक्रम जीतसिंह कंग, आरटीओ

अब कागज़ों में नहीं सड़कों पर दिखेगा ट्रैफिक प्लान इस बार ट्रैफिक प्लान कागज़ों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़कों पर दिखाई देगा। इसकी पूरी तैयारी है। नगर निगम और जिला प्रशासन के साथ समन्वय से जहां कमियां सामने आएंगी, उन्हें दूर कर कार्रवाई की जाएगी। 35 बॉडी कैमरे मिले हैं। ऑनलाइन चालान मशीनें दी जाएंगी, ताकि अवैध वसूली पर अंकुश लगेगा। -अनु बेनीवाल, एएसपी ट्रैफिक



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