इंदौर ने पिया था सड़ी लाश वाला पानी, 30 साल पुरानी घटना को याद कर कांप उठते हैं लोग, तब मेयर थे कांग्रेसी!

इंदौर ने पिया था सड़ी लाश वाला पानी, 30 साल पुरानी घटना को याद कर कांप उठते हैं लोग, तब मेयर थे कांग्रेसी!


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Indore News: इंदौर के भागीरथपुरा में जो हुआ, ऐसा ही कुछ 30 साल पहले सुभाष चौक पर भी हुआ था. तब लोगों सड़ी लाश वाला पानी पिया था. 15 दिन बाद लोगों ने शिकायतें शुरू कीं तब निगम कर्मी टंकी पर चढ़े. वहां जो देखा उनके होश उड़ गए थे. जानें घटना…

Indore News: आज इंदौर शहर के लोग नर्मदा पाइपलाइन का पानी पीने से डर रहे हैं. भागीरथपुरा की घटना में प्रशासनिक लापरवाही और सुस्त रवैया उजागर हुआ है. लेकिन, यह पहली बार नहीं है जब इंदौर इस तरह की समस्या देख रहा है. 30 साल पहले भी ऐसा हो चुका है, जब लोग पाइपलाइन का पानी पीने से खौफ खा रहे थे. उस घटना की याद कर आज भी इलाके के पुराने लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. बात साल 1995 की है‌, जब राजवाड़ा के पास सुभाष चौक की पानी टंकी में एक सड़ी-गली लाश मिली थी.

टंकी के पास दुकान च लाने वाले नरेश नेहलानी आज भी उस घटना को याद कर सिहर जाते हैं. उन्होंने बताया, एक शराबी ऊपर जाकर टंकी पर बैठ था. टंकी में गिरने से उसकी मौत हो गई थी. क्योंकि, ऊपर टंकी जांच नहीं होती थी तो किसी को पता भी नहीं चला कि उस शराबी की मौत हो गई. जब पानी में बदबू आने लगी और लोगों की शिकायत पर जांच की गई तो टंकी से लाश मिली. लाश पूरी तरह से सड़-गल चुकी थी. जब हकीकत पता चली तो लोग ये सोच कर सहम गए कि इतने दिनों तक सब वही पानी पीते रहे. उस पानी में बदबू आती थी और उसे कई लोग बीमार भी पड़े थे.

पहले टाला, जब शिकायत बढ़ी तब टंकी पर चढ़े कर्मचारी
दरअसल, उस दौर में सुभाष चौक और आसपास के रिहायशी इलाकों जैसे इमली बाज़ार, राजबाड़ा, खजूरी बाज़ार में पेट दर्द, उल्टी और डायरिया के मामले बहुत तेज़ी से बढ़ रहे थे. पहले लोग इसे मौसम का बदलाव समझ रहे थे, लेकिन चौंकाने वाली बात यह थी कि यह बीमारी सिर्फ एक विशेष क्षेत्र तक ही सीमित थी. स्थानीय निवासियों ने नगर निगम को शिकायत की कि नलों से आने वाले पानी में अजीब सी सड़न भरी बदबू है. पानी का रंग भी कुछ मटमैला सा है. शुरुआत में प्रशासन ने इसे पाइपलाइन का लीकेज मानकर टाल दिया. बाद में जब शिकायतें बहुत ज्यादा बढ़ गईं. नगर निगम के कर्मचारी जांच के लिए सुभाष चौक की टंकी पर चढ़े. जैसे ही टंकी का भारी ढक्कन हटाया गया, तो कर्मचारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई. पानी की सतह पर एक इंसानी लाश तैर रही थी, जो कई दिनों पुरानी होने के कारण बुरी तरह गल चुकी थी.

उस समय कांग्रेस के मेयर थे
इस‌ बात से हर कोई हैरान था. लोगों को यकीन नहीं हो रहा था कि जिस पानी को वह पी रहे हैं या उससे खाना बना रहे हैं, उसमें जो बदबू आ रही है, उसके पीछे वजह एक इंसानी लाश है. लोग सड़कों पर उतर आए और जमकर प्रदर्शन किया. उस समय इंदौर नगर निगम में कांग्रेस का‌ शासन था और मधुकर वर्मा महापौर थे. उस घटना के बाद इंदौर में भारी बवाल हुआ. लोगों ने नगर निगम का घेराव किया.

डर गए लोग, महीनों तक नहीं पिया टंकी का पानी
कई दिनों तक उस इलाके के लोगों ने नलों का पानी इस्तेमाल करना बंद कर दिया था. लोग दूर-दराज के कुंओं और टैंकरों पर निर्भर हो गए थे. उस समय के डॉक्टरों के मुताबिक, सैकड़ों लोग गैस्ट्रोएंटेराइटिस और अन्य गंभीर संक्रमणों का शिकार हुए थे. मनोवैज्ञानिक तौर पर भी लोग इतने डर गए थे कि टंकी साफ होने के महीनों बाद तक लोगों को पानी से बदबू आने का अहसास होता था और वो यहां का पानी नहीं पीते थे.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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इंदौर ने पिया था सड़ी लाश वाला पानी, 30 साल पुरानी घटना याद कर कांप उठते लोग



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