राहुल गांधी बनाम RSS: विश्‍वास सारंग बोले- छुटभैये नेता, सियासत का खेल कुछ और!

राहुल गांधी बनाम RSS: विश्‍वास सारंग बोले- छुटभैये नेता, सियासत का खेल कुछ और!


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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा RSS पर की गई टिप्पणी से देश की सियासत फिर गरमा गई है. मध्यप्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने राहुल को ‘छुटभैया नेता’ करार देते हुए कहा कि उन्हें न तो इतिहास की समझ है…और पढ़ें

राहुल गांधी पर सबसे तीखा हमला करने वाले विश्‍वास सारंग सुर्खियों में हैं.

हाइलाइट्स

  • राहुल गांधी के RSS वाले बयान पर सियासी जंग.
  • भाजपा मंत्री विश्‍वास सारंग ने बोला है तीखा हमला.
  • बयानबाजी के पीछे है बड़ी राजनीतिक रणनीति.
भोपाल. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) पर निशाना साधते हुए कहा कि “संघ और वामपंथी संगठनों में करुणा की कमी है.” उन्होंने दोनों विचारधाराओं की तुलना करते हुए आरएसएस को कट्टर और संविधान विरोधी बताया. राहुल के इस बयान ने भाजपा खेमे में तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दिया है. मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी को “छुटभैया नेता” करार दे दिया.

सारंग ने कहा, “राहुल गांधी को हिंदुस्तान का इतिहास नहीं पता. वह स्क्रिप्टेड बयान देते हैं और RSS जैसे संगठन की गहराई को समझने की उनकी औकात नहीं है. देश की एकता और अखंडता के लिए जितना काम RSS कर रहा है, उतना दुनिया में कोई दूसरा संगठन नहीं कर रहा.” राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह जुबानी हमला सिर्फ तात्कालिक प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि इसके पीछे दोनों दलों की गहरी रणनीति है. कांग्रेस जहां अपने ‘संविधान बचाओ’ और ‘विचारधारा की लड़ाई’ नैरेटिव को लगातार मजबूत कर रही है, वहीं भाजपा राहुल गांधी को सीधे निशाने पर लेकर उन्हें ‘अविश्वसनीय नेता’ के रूप में पेश करने में जुटी है.

वैचारिक हमले को ‘नेतृत्व की कमजोरी’ से जोड़ा 
भाजपा की रणनीति यह दिखाने की है कि राहुल गांधी की राजनीति भावनात्मक और स्क्रिप्टेड है, जबकि संघ ज़मीनी स्तर पर कार्य करता है. इस मुकाबले में भाजपा कांग्रेस के वैचारिक हमले को ‘नेतृत्व की कमजोरी’ से जोड़ती है. वहीं कांग्रेस संघ को एक ‘सांस्कृतिक सियासी संगठन’ बताकर देश के लोकतंत्र पर खतरा बता रही है. राहुल गांधी पर व्‍यक्तिगत हमला करना और उन्‍हें देश की समझ ना होने की बात बार-बार कहकर भाजपा नेता एक ट्रेंड पर काम कर रहे हैं.

सिर्फ वैचारिक टकराव है या 2029 की राजनीति की नींव
इस पूरी बयानबाज़ी के बीच यह सवाल जरूरी हो गया है कि क्या यह सिर्फ वैचारिक टकराव है या 2029 की राजनीति की नींव रखने वाली रणनीति. विपक्ष की एकजुटता में राहुल की भूमिका और भाजपा की जवाबी राजनीति से अगले कुछ हफ्तों में देश की राजनीति और भी गर्मा सकती है. राहुल गांधी के पक्ष में कांग्रेस नेताओं ने बयान दिए है तो आरएसएस को लेकर भाजपा नेता भी आक्रमक हैं. आरएसएस ने खुद को इस बयानबाजी से दूर रखा है, लेकिन भाजपा नेता है कि वे मुखर हो रहे हैं.

Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प… और पढ़ें

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