कब है षटतिला एकादशी? माघ मास की पहली एकादशी, श्रीहरि की अतिप्रिय, बेहद पुण्यदायक, जानें तिथि, पूजा-व्रत विधि

कब है षटतिला एकादशी? माघ मास की पहली एकादशी, श्रीहरि की अतिप्रिय, बेहद पुण्यदायक, जानें तिथि, पूजा-व्रत विधि


Last Updated:

Shattila Ekadashi 2026 Date: नए साल की शुरुआत हो चुकी है. साल 2026 के पहले महीने में कई व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे, जिनमें एकादशी व्रत भी शामिल है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, एकादशी व्रत करने से साधक के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है. ऐसे में चलिए जानते हैं कि जनवरी में पहली एकादशी कब आ रही है? 

Shattila Ekadashi 2026 Date: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है. शास्त्रों के अनुसार पूरे वर्ष में कुल 24 एकादशी व्रत आते हैं, जो प्रत्येक माह में दो बार रखे जाते हैं. हर एकादशी का अपना विशेष महत्व है. मान्यता है कि एकादशी तिथि पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है तथा भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

इन्हीं व्रतों में से एक है षटतिला एकादशी, जो हर वर्ष माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है. माघ मास को भगवान विष्णु का अत्यंत प्रिय महीना माना गया है, इसलिए इस माह में आने वाली एकादशी का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है. शास्त्रों में बताया गया कि षटतिला एकादशी का व्रत करने से पापों का नाश होता है. पुण्य की प्राप्ति होती है. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज से जानेंगे कि नए साल की पहली एकादशी जनवरी महीने में किस तिथि को पड़ रही है? साथ ही षटतिला एकादशी का व्रत रखने का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा?

कब मनाई जाएगी षटतिला एकादशी?
वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 13 जनवरी को दोपहर 03 बजकर 17 मिनट से शुरू होगी. वहीं, तिथि का समापन 14 जनवरी को शाम 05 बजकर 52 मिनट पर होगा. ऐसे में 14 जनवरी को षटतिला एकादशी व्रत किया जाएगा और 15 जनवरी को व्रत का पारण किया जाएगा.

षटतिला एकादशी पूजन विधि
सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा करें और उन्हें पुष्प, धूप आदि अर्पित करें. इस दिन व्रत रखने के बाद रात को भगवान विष्णु की आराधना करें. साथ ही रात्रि में जागरण और हवन करें. इसके बाद द्वादशी के दिन प्रात:काल उठकर स्नान के बाद भगवान विष्णु को भोग लगाएं और पंडितों को भोजन कराने के बाद स्वयं अन्न ग्रहण करें.

षटतिला एकादशी महत्व
षटतिला एकादशी का व्रत भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित होता है. इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से पापों का नाश होता है. इससे मोक्ष की भी प्राप्ति होती है. इस दिन तिल से बनी चीजों का दान करने से पुण्य प्राप्त होता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से धन में वृद्धि होती है और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है.

एकादशी व्रत में जरूर करें ये कार्य
एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि के बाद व्रत संकल्प लें. पूजा के दौरान भगवान विष्णु को पीली मिठाई का भोग लगाना चाहिए, क्योंकि पीला रंग भगवान श्रीहरि का प्रिय माना जाता है. भगवान विष्णु के साथ-साथ देवी लक्ष्मी की भी पूजा करें. इस दिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना भी शुभ माना जाता है.

कैसे रखें व्रत
– एकादशी व्रत के दिन अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए. व्रत नहीं रखने वालों को भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए.
– एकादशी व्रत के दिन बाल, नाखून और दाढ़ी कटवाने की भूल न करें.
– एकादशी व्रत के पारण करने के बाद अन्न का दान करना शुभ माना गया है.
– एकादशी व्रत के दिन ब्राह्मणों को कुछ दान अवश्य करना चाहिए.

About the Author

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

homedharm

कब है षटतिला एकादशी? श्रीहरि की अतिप्रिय, बेहद पुण्यदायक, जानें पूजा-व्रत विधि

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



Source link