घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज देखती पुलिस
ग्वालियर में पुलिस ने एक नाबालिग छात्र के कथित अपहरण के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। छात्र के लापता होने के बाद उसके ही मोबाइल नंबर से पिता को फिरौती के लिए कॉल आने से सनसनी फैल गई थी। मामला माधौगंज थाना क्षेत्र का है।
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सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और छात्र के लापता होने के स्थान से लेकर घर तक के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, लेकिन कहीं भी अपहरण जैसी कोई घटना सामने नहीं आई।
पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की, जिससे पता चला कि कॉल शहर के भीतर से ही की गई थी। लगातार छानबीन के बाद पुलिस छात्र तक पहुंच गई। शुरुआत में नाबालिग ने चार अज्ञात बदमाशों द्वारा अपहरण कर उसके मोबाइल से फिरौती मांगने की कहानी सुनाई। जब पुलिस ने उसे सीसीटीवी फुटेज दिखाए, जिसमें वह अकेले जाते हुए दिखाई दे रहा था, तब उसने सच्चाई कबूल कर ली।
जुए के कर्ज से बचने के लिए रची अपहरण कहानी
पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि करीब 8 से 10 दिन पहले वह जुए में पैसे हार गया था। कर्ज चुकाने के लिए अपनी बुलेट बाइक दोस्त के पास गिरवी रख दी थी। पहले से कर्ज में होने और परिजनों के डर के कारण उसने खुद के अपहरण की झूठी कहानी बना ली।
लापता होने वाले दिन 3 जनवरी को वह शाम से आदित्यपुरम, बिरला नगर, डीडी नगर, हजीरा समेत कई इलाकों में घूमता रहा और बाद में अपने ही मोबाइल से पिता को कॉल कर अपहरण व फिरौती की झूठी सूचना दी।
परिवार के सुपुर्द किया गया छात्र
पुलिस ने नाबालिग की काउंसलिंग कर उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
पुलिस का बयान
एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि नाबालिग छात्र ने जुए में पैसे हारने के बाद अपनी बाइक गिरवी रख दी थी। परिजनों के डर से उसने अपने अपहरण की झूठी कहानी रची। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर लिया।