नई दिल्ली. विजय हज़ारे ट्रॉफी दिसंबर 2025 में दो दिग्गजों विराट कोहली और रोहित शर्मा की वापसी के बाद से लगातार सुर्खियों में रही है. इसके साथ ही, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उस निर्देश ने भी घरेलू क्रिकेट को नई जान फूंकी है, जिसमें सभी पात्र खिलाड़ियों को भारतीय घरेलू टूर्नामेंटों के लिए उपलब्ध रहने का आदेश दिया गया है.इस सीजन वैसे तो कई खिलाड़ियों ने चमक बिखेरी पर एक बाएं हाथ का बल्लेबाज सब पर भारी पड़ता नजर आया.
यह सीज़न सितारों से सजा हुआ रहा है, जिसमें हार्दिक पांड्या, केएल राहुल, संजू सैमसन, विराट कोहली, रोहित शर्मा और अभिषेक शर्मा जैसे बड़े नामों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. इसके अलावा, यह टूर्नामेंट बल्लेबाज़ों के लिए बेहद अनुकूल साबित हुआ है, जहाँ शतक लगाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा.कर्नाटक के देवदत्त पड्डीकल इस सीजन में वो काम कर रहे है जो रोहित विराट भी नही कर पाए.
पड्डीकल के पावर प्ले के सामने रो-को भी फेल
शतको की बारिश करने वाले देवदत्त पडिक्कल ने त्रिपुरा के खिलाफ अपने हालिया शतक के बाद तीसरे स्थान पर छलांग लगाई है. कर्नाटक के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज़ के नाम इस सीज़न से पहले आठ शतक थे, लेकिन महज़ पाँच मैचों में ही उन्होंने खुद को तीसरे स्थान पर पहुँचा दिया. विजय हज़ारे ट्रॉफी 2025/26 में पडिक्कल के आंकड़े ‘ब्रैडमैन जैसे’ कहे जा सकते हैं. पाँच मैचों में उन्होंने 155.00 की औसत से 465 रन बनाए हैं, जिसमें चार शतक शामिल हैं. दिलचस्प बात यह है कि अपनी पिछली 12 VHT पारियों में पडिक्कल सात शतक जड़ चुके हैं. कर्नाटक के कप्तान मयंक अग्रवाल भी 13 शतकों के साथ इस सूची में शामिल हैं, जबकि पूर्व भारतीय खिलाड़ी रॉबिन उथप्पा ने तीन अलग-अलग टीमों का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने करियर का अंत 11 शतकों के साथ किया.
विजय हजारे के वीर बल्लेबाज
विजय हज़ारे ट्रॉफी में सबसे अधिक शतक लगाने वाले खिलाड़ी महाराष्ट्र के अंकित बावने हैं. घरेलू क्रिकेट के इस अनुभवी खिलाड़ी, जिन्होंने 2017 में दिल्ली कैपिटल्स के लिए एक आईपीएल मैच भी खेला था, के नाम VHT में 15 शतक दर्ज हैं. हालांकि, उन्होंने अब तक 99 मैच खेले हैं और जल्द ही वह मनीष पांडे (103) और मनदीप सिंह (101) के बाद 100 विजय हज़ारे मैच खेलने वाले तीसरे खिलाड़ी बन सकते हैं. यही एक प्रमुख कारण है कि बावने 15 शतकों के साथ इस सूची में शीर्ष पर हैं. इसके अलावा, उनका रिकॉर्ड भी शानदार है—4164 रन, जो इस टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज़्यादा हैं. दूसरे स्थान पर उनके मौजूदा कप्तान रुतुराज गायकवाड़ हैं, जिनके नाम 55 पारियों में 14 शतक दर्ज हैं और वे शीर्ष स्थान की ओर तेज़ी से बढ़ रहे हैं.
विजय हज़ारे ट्रॉफी इतिहास में सबसे ज़्यादा शतक
ृ
अंकित बावने ( महाराष्ट्र) 15
रुतुराज गायकवाड़ (महाराष्ट्र) 14
देवदत्त पडिक्कल (कर्नाटक) 13
मयंक अग्रवाल (कर्नाटक) 13
रॉबिन उथप्पा (केरल/कर्नाटक/सौराष्ट्र) 11