धार जिले में सरदारपुर फोरलेन चौकड़ी से भोपावर तक का मार्ग इन दिनों पूरी तरह बदहाल हो चुका है। कभी डामर से बनी यह सड़क अब बड़े-बड़े गड्ढों, उखड़ी गिट्टी और पत्थरों में तब्दील हो गई है। हालत यह है कि चलते वाहनों से गिट्टी उड़कर राहगीरों पर गिर रही है,
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राहगीर और वाहन चालक परेशान खराब सड़क के कारण पैदल चलने वाले राहगीरों के साथ-साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक भी भारी परेशानी झेल रहे हैं। पूरे मार्ग पर सड़क कम और पत्थर ज्यादा नजर आ रहे हैं, जिससे आवागमन बेहद कठिन हो गया है।
स्वीकृति के बावजूद काम अधूरा इस मार्ग के निर्माण के लिए पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है। सरदारपुर फोरलेन चौकड़ी से रिंगनोद तक करीब 7 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण 14 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया जाना है। निर्माण कार्य शुरू भी हुआ था, लेकिन एक-दो दिन बाद ही काम बंद कर दिया गया, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
भोपावर तीर्थ तक पहुंचना हुआ मुश्किल मालवा क्षेत्र का अतिप्राचीन भोपावर तीर्थ इसी मार्ग पर स्थित है। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान श्री शांतिनाथ जी के दर्शन-वंदन के लिए आते-जाते हैं। यह तीर्थ केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि अन्य धर्मावलंबियों की भी आस्था का बड़ा केंद्र है।
श्रद्धालुओं ने बताई पीड़ा श्रद्धालु रमेश जैन, कांतिलाल जैन और बंटी जैन ने बताया कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि वाहन से चलना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। हर तरफ धूल के गुब्बार और पत्थर बिखरे पड़े हैं। तीर्थ यात्री विकास जैन ने बताया कि उड़ते पत्थरों से कई राहगीर चोटिल भी हो चुके हैं।
25 मिनट में तय हो रहा कुछ किलोमीटर का सफर सड़क की बदहाली के चलते वाहन हिचकोले खाते हुए चल रहे हैं। सरदारपुर फोरलेन चौकड़ी से भोपावर तक का सफर तय करने में अब करीब 25 मिनट का समय लग रहा है। स्थानीय लोगों और बुद्धिजीवियों का कहना है कि शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस मार्ग को प्राथमिकता देनी चाहिए।
पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ एलएन राठौड़ ने बताया कि
तकनीकी समस्या के कारण कार्य में विलंब हुआ है। उन्होंने कहा कि राहगीरों और श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं आने दी जाएगी और जल्द ही सड़क सुधार का काम शुरू कराया जाएगा।
