रीवा वालों तान लो रजाई! टूटा तीन साल का रिकॉर्ड, खून जमा रही ठंड, IMD ने दिया अलर्ट

रीवा वालों तान लो रजाई! टूटा तीन साल का रिकॉर्ड, खून जमा रही ठंड, IMD ने दिया अलर्ट


आज का मौसम: रीवा में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. शुक्रवार रात से ही शहर और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे सुबह दृश्यता (विजिबिलिटी) बेहद कम हो गई. हाईवे और शहरी सड़कों पर वाहनों को हेडलाइट जलाकर धीमी रफ्तार में चलना पड़ा. पिछले तीन दिनों से न्यूनतम तापमान लगातार सिंगल डिजिट (10 डिग्री से कम) में बना हुआ है और मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन दिनों तक लोगों को ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है.

लगातार गिर रहा पारा, ठंडी हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन
रीवा में सर्दी का असर गहराता जा रहा है. पिछले चार दिनों के तापमान पर नजर डालें तो, सोमवार- पारा और गिरकर लगभग 7 डिग्री तक पहुंच गया.
मंगलवार- तापमान 7 से 8 डिग्री के बीच बना रहा.
बुधवार- तापमान 6 से 4 डिग्री के बीच बना रहा.
गुरुवार- तापमान 4.2 डिग्री तक पहुंच गया है.

उत्तर दिशा से आ रही ठंडी हवाओं के कारण मौसम शुष्क होने के बावजूद ठिठुरन ज्यादा महसूस की जा रही है. नमी और कम तापमान की वजह से सुबह और देर रात घना कोहरा छाया रहता है. गुरुवार को भी धूप देर से निकली और दिनभर ठंड बनी रही. शुक्रवार से अगले 3 दिन राहत नहीं मिलेगी, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, फिलहाल ठंड के तेवर ऐसे ही रहेंगे. शुक्रवार को हल्की बढ़ोतरी हो सकती है और पारा 9 डिग्री तक पहुंच सकता है.

शनिवारः न्यूनतम तापमान 9 से 10 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है. हालांकि, तापमान में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद सुबह और रात के समय ठंड और कोहरे का असर बना रहेगा.

सुबह के समय खेतों, खुले इलाकों और सड़कों पर कोहरा छाया रहने से आम लोगों को खासी दिक्कतें हो रही हैं. ये सिर्फ रीवा का हाल नहीं बल्कि पूरा मध्य प्रदेश इन दिनों भीषण शीतलहर और कड़ाके की ठंड की चपेट में है. प्रदेश के छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. ठंड का आलम यह है कि न केवल रातें, बल्कि दिन में भी सूरज के दर्शन न होने से अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के नीचे गिर गया है, जिससे पूरे प्रदेश में ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है.

रीवा के मौसम वैज्ञानिक सुमित परौहा के अनुसार, कड़ाके की ठंड से जूझ रहे प्रदेशवासियों को अगले 3 दिनों तक राहत के आसार नहीं हैं. उसके बाद आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि होने का अनुमान है. जिससे पिछले कई दिनों से जारी 10 डिग्री से नीचे वाले टॉर्चर से राहत मिलेगी.

किसानो को खेतों की मेढों में आग जलाने और धुआं करने की सलाह दी है. कोहरे की बजह से खेतों में नमी दिन भर बनी रहती है जिससे फसलों में पाला लगने का खतरा है. आग जलाने और धुआं करने से फसलों को पाले से बचाया जा सकता है.



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