अब नहीं फटेका पेड़ पर पका टमाटर, किसानों को मिलेंगे पूरे दाम, ताबड़तोड़ बढ़ेगी कमाई, जानें ये फार्मूला

अब नहीं फटेका पेड़ पर पका टमाटर, किसानों को मिलेंगे पूरे दाम, ताबड़तोड़ बढ़ेगी कमाई, जानें ये फार्मूला


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Tomato Farming: टमाटर की खेती करने वाले किसान फल के फटने से बहुत परेशान रहते हैं. इससे उनको टमाटर के पूरे दाम नहीं मिलते, जबकि खेती में मेहनत पूरी लगती है. लेकिन, अब टेंशन लेने की जरूरत नहीं. एक्सपर्ट ने ऐसी ट्रिक बताई कि हर टमाटर साबूत मिलेगा.

Tomato Farming: मध्य प्रदेश में टमाटर की खेती किसानों के लिए मुनाफे का बड़ा जरिया मानी जाती है. सर्दी का मौसम अनुकूल होने से उत्पादन अच्छा होता है. हालांकि, कई बार मेहनत के बावजूद किसानों को उम्मीद के मुताबिक दाम नहीं मिल पाता, इसकी सबसे बड़ी वजह टमाटर की फसल में आने वाली फल फटने (फ्रूट क्रैकिंग) की गंभीर समस्या है, जो सीधे किसानों की कमाई पर असर डालती है. जब टमाटर पकने की अवस्था में फट जाता है, ऐसे फल बाजार में कम दाम पर बिकते हैं या कई बार पूरी तरह बेकार हो जाते हैं. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.

किसान सलाहकार अनुपम चतुर्वेदी ने लोकल 18 को बताया, सर्दियों में टमाटर की पैदावार अधिक होने के कारण यह समस्या बढ़ जाती है. खासतौर पर जब ठंड अचानक बढ़ती है, तब टमाटर तेजी से पकने लगते हैं और फटने की संभावना बढ़ जाती है. उन्होंने बताया, इसका सबसे बड़ा कारण अनियमित और असंतुलित सिंचाई है. कई किसान लंबे समय तक खेत में पानी नहीं देते और जब मिट्टी ज्यादा सूख जाती है, तब एक साथ भारी सिंचाई कर देते हैं. इससे टमाटर का फल अचानक तेजी से बढ़ता है, लेकिन उसका छिलका इस दबाव को सहन नहीं कर पाता और फल फट जाता है.

खेती के लिए ऐसे बीज का चयन
अनुपम चतुर्वेदी के मुताबिक, इसके अलावा पोटाश जैसे पोषक तत्वों की कमी, कैल्शियम की कमी और तापमान में अचानक गिरावट भी फ्रूट क्रैकिंग की समस्या को बढ़ा देती है. अगर समय रहते इन कारणों पर ध्यान न दिया जाए, तो नुकसान और ज्यादा बढ़ सकता है. हालांकि, थोड़ी सी सावधानी से किसान इस समस्या से काफी हद तक बच सकते हैं. अनुपम का कहना है कि सबसे पहले किसानों को भरोसेमंद दुकान से बीज खरीदना चाहिए और ऐसी किस्मों का चयन करना चाहिए, जिनका छिलका मोटा होता है. इससे फल फटने की संभावना कम हो जाती है. इसके साथ ही खेत में नियमित और संतुलित सिंचाई बेहद जरूरी है, ताकि पौधों को अचानक ज्यादा पानी न मिले.

ऐसे मजबूत बनेगा टमाटर
इसके अलावा फसल को सही पोषण देना भी उतना ही अहम है. पोटाश और कैल्शियम नाइट्रेट का समय-समय पर छिड़काव करने से टमाटर के फल मजबूत बनते हैं और फटने की समस्या कम होती है. वहीं, खेत में जल निकासी की उचित व्यवस्था भी जरूरी है, क्योंकि पानी जमा होने से पौधों को नुकसान पहुंचता है. अगर किसान इन उपायों को अपनाते हैं, तो वे टमाटर की फसल को फ्रूट क्रैकिंग से बचा सकते हैं और बाजार में अपनी उपज का बेहतर दाम हासिल कर सकते हैं.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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