घर बैठे निकालिए तेल, कमाइए जबरदस्त मुनाफा! महज 50,000 से शुरू हो जाएगा बिजनेस, लोन की भी टेंशन नहीं

घर बैठे निकालिए तेल, कमाइए जबरदस्त मुनाफा! महज 50,000 से शुरू हो जाएगा बिजनेस, लोन की भी टेंशन नहीं


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Edible Oil Business from Home: महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं जहां घर से ही देसी तेल उत्पादन कर आमदनी हासिल की जा सकती है. कम जगह, सीमित पूंजी और सरकारी सहयोग के साथ यह व्यवसाय महिलाओं को पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ आर्थिक मजबूती देने का प्रभावी विकल्प बन रहा है. आइए जानते हैं घर से कैसे शुरू करें तेल बेचने का बिजनेस.

शिवांक द्विविद, सतना: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अब घर बैठे शुरू होने वाला तेल निर्माण का व्यवसाय तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. शुद्ध और देसी तेल की बढ़ती मांग ने इस छोटे स्तर के कारोबार को बड़े मुनाफे वाला बना दिया है. खास बात यह है कि महिलाएं मात्र ₹50 हजार की शुरुआती लागत से सरसों, मूंगफली, तिल या नारियल जैसे तेल तैयार कर अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकती हैं. इसके लिए न तो बड़े कारखाने की जरूरत है और न ही ज्यादा कर्मचारियों की बल्कि घर का एक छोटा कमरा और घरेलू बिजली कनेक्शन ही इस बिजनेस की बुनियाद बन सकता है. वहीं सरकार की योजनाओं और अनुदान ने इस अवसर को और भी आसान और सुरक्षित बना दिया है.

कम निवेश, आसान शुरुआत
लोकल 18 को जानकारी देते हुए उन्नयन विभाग सोहावल विकासखंड प्रभारी अधिकारी सुधा पटेल ने कहा कि तेल निर्माण के इस घरेलू व्यवसाय के लिए सबसे पहले एक मिनी ऑयल एक्सपेलर या कोल्ड प्रेस मशीन की जरूरत होती है. बाजार में यह मशीनें ₹18,500 से शुरू होकर ₹80,000 तक उपलब्ध हैं जो अलग-अलग क्षमता के अनुसार चुनी जा सकती हैं. इसके साथ तेल को साफ और शुद्ध रखने के लिए एक छोटी फिल्टर मशीन, स्टोरेज टैंक और पैकेजिंग के लिए बोतलों की आवश्यकता होती है. यदि कच्चा माल और पैकेजिंग को भी शामिल किया जाए तो ₹1 लाख से ₹2 लाख के निवेश में एक मजबूत घरेलू यूनिट तैयार की जा सकती है.

घर से ही होगा पूरा संचालन
इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए लगभग 100 से 200 वर्ग फुट की जगह पर्याप्त मानी जाती है जिसे घर के किसी खाली कमरे में आसानी से व्यवस्थित किया जा सकता है. अधिकतर मिनी मशीनें सिंगल फेज बिजली पर चलती हैं जिससे बिजली का खर्च भी सीमित रहता है. कच्चे माल के रूप में सरसों, मूंगफली, तिल, सोयाबीन जैसे बीज स्थानीय बाजार से आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं जिससे लागत नियंत्रित रहती है और मुनाफा बढ़ता है.

लाइसेंस और पंजीकरण की जरूरी औपचारिकताएं
तेल एक खाद्य उत्पाद होने के कारण इसके लिए फसाई लाइसेंस लेना अनिवार्य है. इसके अलावा व्यापार को कानूनी पहचान देने के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन और लोकल बॉडीज से ट्रेड लाइसेंस भी जरूरी होता है. ये सभी प्रक्रियाएं अब ऑनलाइन माध्यम से सरल हो गई हैं जिससे महिलाओं को ज्यादा दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते.

सरकारी योजना से मिलेगा बड़ा सहारा
महिलाओं के लिए पीएमफएमई योजना इस व्यवसाय में बड़ी मददगार साबित हो रही है. इस योजना के तहत कुल लागत का 35 प्रतिशत तक क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी दी जाती है जिसकी अधिकतम सीमा ₹10 लाख है. इसके साथ ही जिला संसाधन व्यक्ति (DRP) महिलाओं को मुफ्त में प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराने और बैंक ऋण की प्रक्रिया में सहयोग प्रदान करते हैं.

विशेषज्ञों के अनुसार तेल निर्माण के इस व्यवसाय में लागत निकालने के बाद 25 से 30 प्रतिशत तक का प्रॉफिट मार्जिन मिल सकता है. शुद्ध और केमिकल फ्री तेल की मांग लगातार बढ़ रही है जिसे स्थानीय ग्राहक, किराना दुकानें और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म आसानी से अपनाते हैं. इस तरह घर बैठे शुरू होने वाला तेल निर्माण का यह व्यवसाय महिलाओं के लिए स्थायी आमदनी और आत्मनिर्भरता की मजबूत मिसाल बनता जा रहा है.

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shweta singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

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