नई दिल्ली. विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाने के लिए पहले सेमीफाइनल में एक बार फिर से दो दमदार टीमें आमने सामने होंगी. मौजूदा चैंपियन कर्नाटक की टीम गुरुवार को विदर्भ के खिलाफ खेलने उतरेगी. विदर्भ को हराकर फाइनल में पहुंचने के लिए कर्नाटक तैयार है और जबरदस्त फॉर्म में चल रहे देवदत्त पडिक्कल इतिहास रचने के लिए तैयार हैं. कप्तान मयंक अग्रवाल, करुण नायर और अभिनव मनोहर जैसे अनुभवी बल्लेबाजों के साथ कर्नाटक की टीम काफी मजबूत है.
देवदत्त पडिक्कल इस समय शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं. मुंबई के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में उन्होंने अपना बेहतरीन फॉर्म दिखाया. इस मैच में उनका नाबाद अर्धशतक कर्नाटक को जीत दिलाने में मददगार रहा. इस समय विजय हजारे ट्रॉफी में देवदत्त पडिक्कल ने चार शतक लगाए हैं और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वालों की सूची में सबसे ऊपर हैं. अब तक पडिक्कल ने 4 शतक और 2 अर्धशतक की मदद से 721 रन बनाए हैं. उनका सबसे बड़ा स्कोर 147 रन है.
विदर्भ के खिलाफ सेमीफाइनल में पडिक्कल बड़ी पारी खेलकर कई रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं. देवदत्त पडिक्कल ने 2020-21 में 737 रन बनाकर टूर्नामेंट में टॉप स्कोरर बने थे. अब विजय हजारे ट्रॉफी के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वालों की सूची में अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने के लिए पडिक्कल को 16 रन की जरूरत है. फिलहाल पडिक्कल के नाम 721 रन हैं. इससे पहले अगर पडिक्कल 4 रन बनाते हैं, तो कप्तान मयंक अग्रवाल ने 2017-18 में जो 723 रन बनाए थे, उस रिकॉर्ड को भी पडिक्कल तोड़ देंगे. इसके बाद अगर पडिक्कल 58 रन बनाते हैं, तो अपनी ही टीम के दूसरे खिलाड़ी करुण नायर को पीछे छोड़ देंगे.
पिछले साल 2024-25 में विदर्भ के लिए खेलते हुए करुण नायर ने 779 रन बनाए थे. अब करुण वापस अपने घरेलू टीम में आ गए हैं. इसके बाद पडिक्कल के पास एक और रिकॉर्ड बनाने का मौका है. 2020-21 में मुंबई के लिए खेलते हुए पृथ्वी शॉ ने 827 रन बनाए थे. इसके साथ ही वे विजय हजारे ट्रॉफी के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वालों की सूची में दूसरे नंबर पर हैं. अगर पडिक्कल सेमीफाइनल मैच में 107 रन बनाने में सफल रहे, तो वे पृथ्वी शॉ को भी पीछे छोड़ देंगे. अगर पडिक्कल 110 रन बना लेते हैं, तो वे नंबर-1 बन जाएंगे.
विजय हजारे ट्रॉफी के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वालों की सूची में तमिलनाडु के नारायण जगदीशन 830 रन के साथ सबसे ऊपर हैं. अगर सेमीफाइनल में कर्नाटक टीम जीतती है और पडिक्कल बड़ी पारी नहीं खेल पाते, तो फाइनल में उन्हें एक और मौका मिलेगा.
कर्नाटक टीम: मयंक अग्रवाल (कप्तान), देवदत्त पडिक्कल, करुण नायर, स्मरण रविचंद्रन, कृष्णन श्रीजीत (विकेटकीपर), अभिनव मनोहर, श्रेयस गोपाल, विजयकुमार वैश्यक, विद्याधर पाटील, अभिलाष शेट्टी, विधायवत कावेरेप्पा, शरथ, बीआर, धर्मनी कुमार, श्रीशा एल. प्रभाकर.
विदर्भ टीम: अथर्व तायडे, अमन मोखाड़े, ध्रुव शौरे, रविकुमार समर्थ, यश राठौड़, यश कदम, रोहित बिंकर (विकेटकीपर), नचिकेत भूते, हर्ष दुबे (कप्तान), यश ठाकुर, प्रफुल्ल हिंगे, शिवम देशमुख, पार्थ रेखाड़े, दर्शन अभेकर, गणेश, वामकांडे, दर्शन, गणेश, नलकंडे, भोसले, दीपेश पर्वानी.