छतरपुरः आपने श्रवण कुमार के बारे में जरूर सुना होगा जिन्होंने अपने माता-पिता को कंधों पर बिठाकर चारों धाम यात्रा कराई थी. कुछ ऐसा ही काम महाराष्ट्र के युवराज जनार्दन भोंसले कर रहे हैं जो अपने माता-पिता को तो नहीं लेकिन गाय को तीर्थ दर्शन करा रहे हैं. यह साल भर पर गाय को रथ गाड़ी में भ्रमण कराते रहते हैं.
युवराज जनार्दन भोसले बताते हैं कि श्री राम गौशाला ट्रस्ट जिला सोलापुर के गांव महिम तहसील संगोला में स्थित है. यह गाय इसी गोशाला में पली-बढ़ी है. पांच पांव की थी, तो हमने सोचा क्यों न इस अद्भुत गाय के दर्शन पूरे भारत के लोगों को कराया जाए. खासकर, भारत के जो तीर्थ स्थल है वहां ले जाकर दर्शन कराना चाहिए.
करते हैं गौमाता का प्रचार
युवराज जनार्दन बताते हैं कि श्री राम गौशाला ट्रस्ट का मैं प्रचारक हूं. वे संस्था में गौशाला का प्रचार करते हैं और इस गोशाला में जो अंधी, लंगड़ी, लूली, भाकड़ बांज गाय गोवंश , बैल, बछड़े हैं. इन सभी का पालन-पोषण किया जाता है. हालांकि, इस ट्रस्ट को सरकार की तरफ से अभी तक कोई अनुदान नहीं मिला है जितना भी मिलता है वह जनता ही मदद करती है. युवराज बताते हैं कि वह रथ गाड़ी में गाय को लेकर तीर्थ यात्रा पर जा रहे हैं इसलिए जनता से निवेदन रहता है कि वह इस लंबी यात्रा में उनकी मदद करें.
प्रयागराज से होते हुए नासिक जाएंगे
युवराज बताते हैं कि श्री राम गौशाला ट्रस्ट की स्थापना 19 नवंबर 2024 को हुई थी लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से इस गौशाला को अनुदान नहीं मिला है. गोशाला तो हमारी पुरानी है लेकिन साल 2024 में गोशाला ट्रस्ट बनी. इसलिए हम खुद ही इस गौशाला के लिए लोगों से मदद की पुकार लगा रहे हैं और साथ ही इस अद्भुत गाय को भारत भ्रमण भी करा रहे हैं.
लोगों की मदद से पूरी होती है तीर्थ यात्रा
युवराज बताते हैं कि इस यात्रा में हमारे साथ तीन लोग हैं जो साल भर पूरी यात्रा में साथ रहते हैं. गाय के दर्शन करने के बाद लोगों की श्रद्धा होती है. लोग रोटी देते हैं, पैसा भी देते हैं , कुछ अनाज दे देते हैं. लोगों का यही दान हमारा सहारा होता है और इसी के सहारे हम भारत भ्रमण के लिए निकल जाते हैं.