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Tulsi Winter Care Tips: ठंड में तुलसी का सूखना कोई अशुभ लक्षण नहीं है. अगर आपके घर में भी तुलसी सूख रही तो उसका जिम्मेदार मौसम और थोड़ी सी लापरवाही है. इन टिप्स से आप तुलसी को ठंड में हराभरा बनाए रख सकते हैं. जानें… (रिपोर्ट: आशीष पांडेय)
तुलसी पौधे के लिए गर्म और हल्की धूप वाला मौसम ज्यादा बढ़िया होता है. जैसे ही तापमान गिरता है, कोहरा पड़ता है और ठंडी हवा चलने लगती है, तुलसी की ग्रोथ धीमी हो जाती है. कई बार जरूरत से ज्यादा पानी देने, धूप की कमी, ठंडी हवा लगने या मिट्टी में पोषण की कमी से भी पौधा कमजोर होकर सूखने लगता है. इसलिए, इसे अशुभ मानने के बजाय इसके देखभाल के तरीकों पर ध्यान देना जरूरी है.

सर्दियों में तुलसी पौधे को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती. इस समय अगर रोज-रोज पानी दिया जाए तो मिट्टी में नमी ज्यादा हो जाती है, जिससे जड़ें सड़ने लगती हैं. इसलिए तुलसी की मिट्टी को सिर्फ हल्का नम रखना चाहिए, बिल्कुल गीली नहीं. पानी तभी दें जब ऊपर की मिट्टी सूखी हुई दिखाई दे. जरूरत से ज्यादा पानी देने पर जड़ों में सड़न हो जाती है, जिसे रूट रॉट कहा जाता है. इस कारण पौधा कमजोर होकर धीरे-धीरे सूखने लगता है. सही मात्रा में पानी देने से तुलसी सर्दियों में भी हरी-भरी बनी रहती है.

सर्दियों में तुलसी के पौधे को सही मात्रा में धूप और ठंडी हवा से बचाव बहुत जरूरी होता है. तुलसी को रोजाना लगभग 4 से 6 घंटे की हल्की धूप मिलनी चाहिए, जिससे पौधा स्वस्थ बना रहे. सुबह की धूप सबसे अच्छी मानी जाती है, क्योंकि यह तेज नहीं होती और पौधे को नुकसान भी नहीं पहुंचाती. दोपहर की तेज धूप और ठंडी हवाएं तुलसी को नुकसान पहुंचा सकती हैं, इसलिए इससे बचाना जरूरी है. रात के समय कोहरा और सर्द हवा पौधे को कमजोर कर देती है. ऐसे में तुलसी को हल्के कपड़े या पारदर्शी पॉलीथीन से ढक देने से वह ठंड से सुरक्षित रहती है और सूखने से बचती है.
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तुलसी पौधे को स्वस्थ रखने के लिए मिट्टी और खाद का सही होना बहुत जरूरी है. अगर गमले की मिट्टी ज्यादा सख्त हो जाती है तो जड़ों तक हवा नहीं पहुंच पाती, जिससे पौधा कमजोर होने लगता है, इसलिए मिट्टी को हल्का और भुरभुरा रखना चाहिए. गमले की मिट्टी में समय-समय पर गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट मिलाने से पौधे को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं. साथ ही नीम पाउडर डालने से मिट्टी में कीड़े नहीं लगते और फंगल इंफेक्शन से भी बचाव होता है. थोड़ी-सी हल्दी पाउडर मिलाने से भी फंगस नहीं पनपता और पौधा स्वस्थ बना रहता है.

तुलसी पौधे को स्वस्थ और हरा-भरा बनाए रखने के लिए समय-समय पर कटाई-छंटाई करना बहुत जरूरी होता है. जब तुलसी में फूल यानी मंजरी आने लगती है, तो उन्हें समय रहते तोड़ देना चाहिए. फूलों में बीज बनने से पौधे की सारी ऊर्जा वहीं खर्च हो जाती है, जिससे पौधा कमजोर होकर सूखने लगता है. इसके अलावा सूखी, पीली और खराब पत्तियों को भी हटा देना चाहिए. ऐसा करने से पौधे को नई पत्तियां निकालने का मौका मिलता है और उसकी बढ़वार अच्छी होती है. नियमित कटाई-छंटाई से तुलसी का पौधा लंबे समय तक हरा और स्वस्थ बना रहता है.