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Indore news: ट्रैफिक मूवेबल बैरियर भी लगाए जाने हैं जिससे नो एंट्री जोन में भारी वाहनों को रोकने में बड़ी मदद मिलेगी. अभी तक पुलिस लोहे के भारी-भरकम फिक्स्ड बैरियर्स या सिर्फ ड्युटी पर तैनात जवानों के भरोसे नो-एंट्री संभालती थी.
इंदौरः इंदौर की सड़कों पर अक्सर देखा जाता है कि ‘नो-एंट्री’ का बोर्ड होने के बावजूद कई वाहन चालक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अंदर घुस जाते हैं. इससे न केवल ट्रैफिक जाम होता है, बल्कि हादसों का डर भी बना रहता है. कुछ नहीं तो पहले ही एक ट्रक नो एंट्री जॉब में घुस गया था जिस वजह से 3 लोगों की मौत हुई थी. इस समस्या का हल निकालने के लिए इंदौर ट्रैफिक पुलिस अब मूवेबल ट्रैफिक बैरियर्स का सहारा लेने जा रही है. यह देश में पहली बार होगा जब कोई ट्रेफिक पुलिस इस तरह के हाइटेक बैरियर का इस्तेमाल नो एंट्री में करने जा रही है.
लगेंगे ट्रैफिक मूवेबल बैरियर
इन बैरियर्स को व्यस्ततम मार्गों पर सड़क के बीचों-बीच लगाया जाएगा ताकि कोई चाहकर भी रॉन्ग साइड या प्रतिबंधित क्षेत्र में न घुस सके. फिलहाल ट्रैफिक पुलिस ऐसे वेरियस लगाने जा रही है जो एक बार में 10 मीटर की दो सड़कों को रोक का क्षमता रखता हो. इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत है की जरूरत के अनुसार इसे एक जगह से दूसरी जगह आसानी से शिफ्ट किया जा सकेगा.
ट्रैफिक तोड़ने पर हो सकता है नुकसान
सवाल है कि कोई अगर इस तरह के ट्रैफिक बैरियर को तोड़ने की कोशिश करेगा तो उसके साथ क्या होगा. अगर कोई वाहन चालक इन मूवेबल बैरियर्स को जबरदस्ती नो एंट्री तोड़ने की कोशिश करता है तो गाड़ी के बंपर, रेडिएटर या हेडलाइट्स पूरी तरह चकनाचूर हो सकते हैं. वहीं अगर इनमें टायर किलर लगाए जाए तो गाड़ी पूरी तरह से पंचर हो सकती है। पुलिस मौके पर ही गाड़ी जब्त कर भारी जुर्माना लगा सकती है क्योंकि इसे तोडने के बाद गाड़ी आगे जाने लायक नहीं रहेगी.
मूवेबल ट्रैफिक बैरियर के फायदे नो-एंट्री में गाड़ियां नहीं घुसेंगी, तो मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा वहीं रॉन्ग साइड से आने वाले वाहनों के कारण होने वाली टक्करों पर लगाम लगेगी जबकि दूसरी इंदौर में कुल 34 नोएट्री जोन है जिन पर रोजाना 170 पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगती है इन बैरियर से पुलिस पर दबाव भी कम होगा। आपको जल्द ही यह बैरियर सड़कों पर नो एंट्री जोन्स पर देखने को मिलेंगे.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें