दमोह जिले के हटा में एक बेसहारा बुजुर्ग महिला को उसके बेटों ने छोड़ दिया है। महिला कच्ची झोपड़ी में जीवन यापन करती है। गुरुवार रात हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी को जब महिला की स्थिति की जानकारी मिली, तो वे पुलिस बल के साथ उसके घर पहुंचे। थाना प्रभारी ने महिला को राशन सामग्री और गर्म कपड़े उपलब्ध कराए। उन्होंने महिला से कहा कि अब वे उसकी पूरी जिम्मेदारी उठाएंगे। ककराई इलाके में 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला गोरा बाई लोधी एक खंडहरनुमा कच्ची झोपड़ी में रहती हैं। पति के निधन के बाद उनके बच्चों ने भी उन्हें छोड़ दिया है, जिसके बाद वे अकेले ही इस जर्जर झोपड़ी में रहने को मजबूर है। टीआई ने राशन और कंबल देकर बुजुर्ग की मदद थाना प्रभारी को जब बुजुर्ग महिला की हालत का पता चला, तो वे स्वयं किराना दुकान से राशन किट और ठंड से बचाव के लिए गर्म कंबल लेकर महिला के पास पहुंचे। उन्होंने महिला से मिलकर उसका हालचाल जाना। महिला ने बताया कि उनका कोई सहारा नहीं है और वे वर्षों से इसी झोपड़ी में रह रही हैं। पड़ोस के लोग उन्हें खाने-पीने का सामान दे देते हैं, जिससे उनका गुजारा होता है। पहले वे बीड़ी बनाकर अपना घर चलाती थीं, लेकिन अब वे लाचार हैं। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया कि जब तक वे हटा थाने में पदस्थ रहेंगे, महिला का पूरा खर्च स्वयं उठाएंगे।
Source link