भारत में टेस्ला को ढूढ़ने से नहीं मिल रहे ग्राहक, पहली बार कंपनी इंडिया में रही लाखों का डिस्काउंट

भारत में टेस्ला को ढूढ़ने से नहीं मिल रहे ग्राहक, पहली बार कंपनी इंडिया में रही लाखों का डिस्काउंट


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Tesla Offers Discount on Model Y: टेस्ला को इंडिया में उम्मीद के मुताबिक रिस्पॉन्स नहीं मिला, ऑर्डर कैंसलेशन से इनवेंटरी बढ़ी. करीब 100 मॉडल वाई गाड़ियां खरीदारों का इंतजार कर रही हैं, लगातार बढ़ती इनवेंटरी के कारण कंपनी अब पहली बार 2 लाख रुपये का डिस्काउंट ऑफर किया है. टेस्ला को दुनिया के कई बाजारों में अब तगड़े कॉम्पटिशन का सामना करना पड़ रहा है.

नई दिल्ली. टेस्ला ने पिछले साल इंडियन मार्केट में एंट्री करके खूब सुर्खियां बटोरी. कंपनी को भारतीय बाजार से बड़ी उम्मीदें थीं. लेकिन, सच ये है कि इंडिया में टेस्ला को वो रिस्पॉन्स नहीं मिला जैसा कंपनी चाहती थी. कंपनी को ऑर्डर कैंसलेशन का भी दर्द झेलना पड़ रहा है. ऐसे कस्टमर की संख्या भी काफी है जिन्होंने कार बुक की और फिर ऑर्डर कैंसल कर दिया. इससे टेस्ला इंडिया की इनवेंटरी बढ़ गई है. इस मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, मांग कमजोर रहने के कारण एलन मस्क की कंपनी द्वारा करीब 300 मॉडल वाई स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल्स का बैच भेजे जाने के चार महीने बाद भी लगभग 100 गाड़ियां खरीदारों का इंतजार कर रही हैं. इन गाड़ियों का स्टॉक खत्म करने के लिए टेस्ला कुछ वेरिएंट्स पर 2 लाख रुपये (करीब 2,200 डॉलर) तक की छूट दे रही है. तो अगर आप टेस्ला की कार खरीदने का मन बना रहे थे तो यही मौका है नई टेस्ला घर लाने का, वो भी 2 लाख के डिस्काउंट के साथ.

टेस्ला के लिए चैंलेंज
यह टेस्ला के लिए शुरुआती चुनौती का संकेत है, जो दुनिया के तीसरे सबसे बड़े पैसेंजर व्हीकल बाजार में अपने सस्ते मॉडल के साथ जगह बनाने की कोशिश कर रही है. जुलाई में भारत में डेब्यू करने वाली कंपनी को उम्मीद थी कि उसका ब्रांड नाम ही बिक्री बढ़ाने के लिए काफी होगा, जबकि इम्पोर्टेड कारों पर लोकल टैक्स 110% तक है. भारत में टेस्ला की धीमी शुरुआत ऐसे समय में हुई है जब कंपनी को दुनियाभर में मांग में गिरावट का सामना करना पड़ रहा है. 2025 में लगातार दूसरे साल टेस्ला की ग्लोबल सेल्स घटी हैं, जिससे कंपनी चीन की BYD कंपनी से पीछे हो गई है.

अमेरिका, यूरोप और चीन में बढ़ता कॉम्पटिशन
अमेरिका, यूरोप और चीन में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कुछ बाजारों में सब्सिडी कम होने से टेस्ला की हिस्सेदारी घटी है. भारत में भी कार खरीदारों ने अभी तक टेस्ला को पूरी तरह अपनाया नहीं है, जिसकी वजह इसकी कम मौजूदगी और ऊंची कीमतें हैं. कंपनी ने नवंबर में लैंबॉर्गिनी इंडिया के पूर्व प्रमुख शरद अग्रवाल को लोकल ऑपरेशंस की जिम्मेदारी दी है, ताकि लग्जरी कार खरीदारों को अट्रैक्ट किया जा सके.

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भारत में टेस्ला को ढूढ़ने से नहीं मिल रहे ग्राहक, पहली बार मिलेगा डिस्काउंट



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