शर्मनाक! कम सैलरी पर खेलने को मजबूर भारतीय फुटबॉलर, गर्त में पहुंचा ISL

शर्मनाक! कम सैलरी पर खेलने को मजबूर भारतीय फुटबॉलर, गर्त में पहुंचा ISL


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FC Goa players pay cut: इंडियन सुपर लीग की टीम एफसी गोवा बदहाली की दौर से गुजर रही है. एफसी गोवा ने अपने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को कम सैलरी पर खेलने के लिए मना लिया है. इसमें भारतीय टीम के कप्तान संदेश झिंगन भी हैं जो कम सैलरी पर एफसी गोवा के लिए खेलने को मजबूर है. लीग हालत ऐसी है कि इसे समय से शुरू तक नहीं कराया जा सका.

एफसी गोवा के प्लेयर संदेश झिंगन

नई दिल्ली: एक तरफ जब भारत में इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत होती है तो इसे क्रिकेट का त्योहार कहा जाता है. ऐसा इसलिए कि रंगारंग क्रिकेट के इस लीग ने भारत को दुनिया सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बनाने का काम किया है. आज आईपीएल की ब्रांड वैल्यू हजारों करोड़ में हैं, लेकिन उसी भारत में फुटबॉल की ऐसी दुर्दशा हो रखी है कि देश में खेले जाने वाले एकमात्र इंडियन सुपर लीग गर्त में चला गया है. हालत इतनी खराब हो रखी है कि पैसे की कमी से लीग को समय से शुरू तक नहीं कराया जा सका और अब खिलाड़ी कम सैलरी लेकर खेलने के लिए मजबूर हो रहे हैं.

भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान संदेश झिंगन सहित एफसी गोवा के खिलाड़ियों और सहायक स्टाफ ने 14 फरवरी से शुरू होने वाले आईएसएल फुटबॉल टूर्नामेंट के आगामी सत्र के लिए वेतन में कटौती स्वीकार कर ली है. एफसी गोवा ने इसकी जानकारी देते हुए खिलाड़ियों के इस फैसले को ‘निस्वार्थ’ कार्य बताया. गोवा के क्लब ने गुरुवार रात ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि उसने भारतीय फुटबॉल में चल रही उथल-पुथल के मद्देनजर आगे आने वाली चुनौतियों को लेकर खिलाड़ियों और सहायक स्टाफ के साथ बातचीत की.

आर्थिक तंगी से जूझ रही है आईएसएल की टीमें

बयान में कहा गया है, ‘‘भारतीय फुटबॉल के लिए अनिश्चितता के इस दौर में हमारे क्लब ने अपने सामने मौजूद चुनौतियों को लेकर पूरी ईमानदारी के साथ बातचीत की और इसके बाद जो कुछ हुआ उस पर हमें बहुत गर्व है.’’ एफसी गोवा ने कहा, ‘‘हमारी प्रथम टीम के खिलाड़ियों और तकनीकी स्टाफ ने एकजुटता दिखाई और इस अवधि के दौरान अपना वेतन कम करने पर सहमति जताकर क्लब का समर्थन करने का विकल्प चुना. यह आसान निर्णय नहीं था. यह एक निस्वार्थ फैसला था.’’

एफसी गोवा की टीम में उदांता सिंह और बोरिस सिंह जैसे कुछ अन्य भारतीय खिलाड़ी भी शामिल हैं. इस महीने की शुरुआत में एक अन्य आईएसएल टीम बेंगलुरु एफसी के मालिक पार्थ जिंदल ने आईएसएल में भाग लेने के लिए क्लब पर पड़ने वाले ‘वित्तीय बोझ’ को देखते हुए खिलाड़ियों से ‘बलिदान करने’ की अपील की थी और कहा था कि अगर खिलाड़ियों का समर्थन नहीं मिलता है तो क्लब को हमेशा के लिए बंद करना पड़ सकता है. जिंदल ने यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया कि खिलाड़ियों को किस तरह का बलिदान करना होगा, लेकिन उनके कहने का मतलब खिलाड़ियों के वेतन में कटौती हो सकती है.

पूर्व खिलाड़ियों ने की थी टूर्नामेंट शुरू कराने की अपील

इस क्लब में पूर्व भारतीय कप्तान सुनील छेत्री और स्टार गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू जैसे खिलाड़ी शामिल हैं. जिंदल की यह अपील खेल मंत्री मनसुख मांडविया द्वारा यह घोषणा करने के ठीक एक दिन बाद आई थी कि आईएसएल का 2025-26 का सत्र 14 फरवरी से शुरू होगा जिसमें सभी 14 क्लब भाग लेंगे. इस बीच एशियाई फुटबॉल महासंघ (एएफसी) ने एएफसी चैंपियंस लीग दो में खेलने के लिए आईएसएल टीमों को अनिवार्य रूप से 24 मैच खेलने के मानदंड में भी छूट दे दी है. उसने हालांकि स्पष्ट किया है कि आईएसएल चैंपियन को ग्रुप चरण में सीधे प्रवेश नहीं मिलेगा.

इस बीच पिछले 48 घंटों में क्लबों से विदेशी खिलाड़ियों का पलायन जारी रहा. स्पेनिश फॉरवर्ड इकर गुआरोटक्सेना एफसी गोवा को छोड़कर इंडोनेशिया के पर्सिजाप जेपारा में शामिल हो गए हैं. दो अन्य स्पेनिश खिलाड़ी डेविड तिमोर और बोरजा हेरेरा पहले ही क्लब को छोड़ चुके हैं. पिछले दो दिनों में विभिन्न आईएसएल क्लबों को छोड़ने वाले विदेशी खिलाड़ियों में स्पेन के चेमा नुनेज (नॉर्थईस्ट यूनाइटेड), जॉन टोरल (मुंबई सिटी एफसी) और जुआन रोड्रिगेज (केरल ब्लास्टर्स) तथा जापान के हिरोशी इबुसुकी (ईस्ट बंगाल) शामिल हैं.

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Jitendra Kumar

अक्टूबर 2025 से नेटवर्क 18 समूह में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 9 साल का अनुभव. एबीपी न्यूज डिजिटल में स्पोर्ट्स बीट से करियर की शुरुआत। इंडिया टीवी और नवभारत टाइम्स ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित संस्…और पढ़ें

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