निवाड़ी जिले में मतदाता सूची में संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों के नाम जोड़ने का आरोप सामने आया है। वार्ड क्रमांक 14 के नागरिकों ने कलेक्टर से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। नागरिकों के एक समूह ने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी को संयुक्त आवेदन सौंपा है। इसमें आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत चुरारा की शासकीय भूमि पर रह रहे कुछ व्यक्ति संदिग्ध बांग्लादेशी या रोहिंग्या मूल के हैं। ये लोग राजनीतिक प्रभाव और स्थानीय स्तर पर भ्रम पैदा कर अपने नाम मतदाता सूची में जुड़वाने का प्रयास कर रहे हैं। नागरिकों के अनुसार, यह मामला नया नहीं है। वर्ष 2018-19 में इसी विषय पर एक जांच दल गठित किया गया था। उस जांच में यह निष्कर्ष निकला था कि संबंधित व्यक्तियों के पास भारतीय नागरिकता सिद्ध करने के कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख था कि उन लोगों की भाषा, रहन-सहन, पहनावा और धार्मिक परंपराएं भारत की मान्यता प्राप्त स्थानीय जनजातियों से मेल नहीं खाती थीं। ये तथ्य उस समय भी प्रशासन के संज्ञान में लाए गए थे। नागरिकों का दावा है कि वर्ष 2019 के दौरान कथित रूप से कुछ नाम मतदाता सूची में जोड़ दिए गए थे। बाद में इस विषय पर विस्तृत सुनवाई हुई। जिला निर्वाचन अधिकारी ने 2022 में अपने आदेश के माध्यम से उन नामों को विलोपित कर दिया था। आदेश में स्पष्ट रूप से यह माना गया था कि भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके थे। आवेदनकर्ताओं का आरोप है कि अब इन्हीं नामों को दोबारा जोड़ने की कोशिशें शुरू हो गई हैं, जो कि पूर्व के न्यायिक और प्रशासनिक आदेशों के विपरीत है और निर्वाचन आयोग की नियमावली का उल्लंघन भी हो सकता है।
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