टीम इंडिया में एंट्री पर सस्पेंस… बुमराह-हर्षित बने रोड़ा, फिर भी वर्ल्ड कप के सपने देख रहा ये स्टार गेंदबाज

टीम इंडिया में एंट्री पर सस्पेंस… बुमराह-हर्षित बने रोड़ा, फिर भी वर्ल्ड कप के सपने देख रहा ये स्टार गेंदबाज


टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियां चरम पर है 7 फरवरी से टूर्नामेंट का आगाज हो जाएगा. टीम इंडिया के स्टार गेंदबाज जो फिलहाल न्यूजीलैंड सीरीज में बुमराह का रिप्लेसमेंट बने हुए हैं और अपनी जगह पक्की करने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि उनका सपना टीम इंडिया के लिए आईसीसी ट्रॉफी जीतने का है. भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने भारतीय टीम में अपने भविष्य के लक्ष्यों पर खुलकर बात की है. 

न्यूजीलैंड के खिलाफ मिला मौका

न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रही तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज के पहले दो मुकाबलों में प्रसिद्ध कृष्णा को खेलने का मौका मिला. तीसरे और अंतिम मैच में उन्हें आराम दिया गया और उनकी जगह अर्शदीप सिंह को टीम में शामिल किया गया. वडोदरा में खेले गए पहले मैच में प्रसिद्ध ने दो विकेट लिए और 60 रन दिए. इस मैच को भारत ने जीता था. वहीं राजकोट में हुए दूसरे मैच में उन्होंने एक विकेट लिया, लेकिन 49 रन खर्च किए. यह मैच भारत सात विकेट से हार गया. टी20 वर्ल्ड कप 2026 के टीम इंडिया स्क्वॉड में उनका नाम नहीं है और 2027 वर्ल्ड कप तक भी उनका टीम में रहना काफी मुश्किल है.

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क्या बोले प्रसिद्ध कृष्णा?

प्रसिद्ध कृष्णा ने कहा, ‘मुझे लगता है जब मैं आया तो मैंने काफी अच्छी गेंदबाजी की. लेकिन उसके बाद चोट के कारण मुझे समय लगा. जब मैंने वापसी की, तब तक खेल के नियम काफी बदल चुके थे. पावरप्ले के नियम, दूसरी नई गेंद और अन्य बदलाव आए थे। मेरा सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन मैं खुद को बेहतर खिलाड़ी के रूप में देख पा रहा हूं. मैं चाहता हूं कि टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा मैच जिताएं और हर विरोधी टीम को कड़ी चुनौती दूं. हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह आईसीसी टूर्नामेंट में जाकर ट्रॉफी जीते.’

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क्या है कृष्णा का रोल?

आमतौर पर नई गेंद से गेंदबाजी करने वाले प्रसिद्ध कृष्णा को अब सफेद गेंद क्रिकेट में बीच के ओवरों में गेंदबाजी की जिम्मेदारी दी जा रही है. इस पर उन्होंने कहा कि जब भी मैं गेंदबाजी करने आता हूं, तो पावरप्ले खत्म होने वाला होता है। गेंदबाजी के लिए चुनौती बढ़ जाती है. ऐसे समय में जरूरी है कि गेंदबाज अपनी लाइन-लेंथ पर नियंत्रण रखें, एक जैसे अंदाज में गेंदबाजी न करें और अलग-अलग तरह की गेंदों का इस्तेमाल करें.’



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