दतिया के झिर का बाग इलाके में अंधविश्वास, सामाजिक क्रूरता और भीड़ तंत्र का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने श्मशान घाट में चिता की राख से स्नान किया और मृतक की खोपड़ी व अस्थियां पॉलिथीन में भरकर घर ले गया। घटना सामने आने के बाद गुस्साए लोगों ने उस व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया, चप्पलों की माला पहनाकर मोहल्ले में घुमाया और पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। फैसला लिया गया कि यदि समाज का कोई व्यक्ति बल्ली या उसके परिवार से संबंध रखता है या उन्हें बुलाता है तो उसे 5,100 रुपए जुर्माना देना होगा। कैसे शुरू हुआ पूरा मामला
झिरका बाग निवासी मूलचंद्र कुशवाहा (72) का 14 जनवरी को बीमारी के चलते निधन हो गया था। शाम को परंपरागत रीति-रिवाजों से उनका अंतिम संस्कार किया गया। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला बल्ली कुशवाह (40) भी श्मशान घाट पर मौजूद रहा। देर रात करीब 11 बजे बल्ली दोबारा श्मशान पहुंचा और यहीं से घटना ने भयावह मोड़ ले लिया। राख से स्नान, खोपड़ी और अस्थियां उठा ले गया
आरोप है कि बल्ली ने जलती चिता की लकड़ियां फैलाईं, राख को बिखेरा और उसी राख से स्नान किया। इसके बाद उसने मृतक मूलचंद्र की खोपड़ी और कुछ अस्थियां उठाकर पॉलिथीन में रखीं और उन्हें घर ले गया। पूरी रात वह उन्हीं अस्थियों के साथ कमरे में रहा। अगली सुबह जब परिजन अस्थि विसर्जन के लिए श्मशान पहुंचे तो राख बिखरी मिली और खोपड़ी गायब थी। शॉल से खुला राज, घर से मिली अस्थियां
खोजबीन के दौरान श्मशान घाट पर एक शॉल मिली, जो बल्ली की बताई गई। शक होने पर पार्षद कल्लू कुशवाह को सूचना दी गई। बल्ली को घर से बुलाया गया, जहां वह राख से लिपटा मिला। पूछताछ में उसने घटना स्वीकार की। सूचना पर पहुंची पुलिस उसे थाने ले गई और उसके घर से पॉलिथीन में रखी अस्थियां बरामद की गईं। भीड़ का कहर: चप्पलों की माला, कीचड़ खिलाने का आरोप
बल्ली के भतीजे राजकुमार कुशवाह ने आरोप लगाया कि घटना से आक्रोशित लोगों ने बल्ली के साथ अमानवीय व्यवहार किया। उसके साथ मारपीट की गई, गटर का कीचड़ और गंदगी खिलाने-पिलाने का आरोप है और चप्पलों की माला पहनाकर पूरे मोहल्ले में घुमाया गया। इसके बाद समाज की पंचायत ने पंचनामा तैयार कर बल्ली और उसके पूरे परिवार को समाज से बेदखल कर दिया। फैसला हुआ कि यदि कोई व्यक्ति बल्ली या उसके परिवार से संबंध रखेगा या उन्हें अपने घर बुलाएगा, तो उस पर 5,100 रुपए का जुर्माना लगेगा। संतान की चाह में अंधविश्वास
परिजनों के मुताबिक, बल्ली की शादी करीब 20 साल पहले हुई थी, लेकिन संतान नहीं हुई। दूसरी शादी से हुए दो बच्चों की मौत हो गई। दूसरी पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई। परिवार का कहना है कि वह शराब का आदी है और मानसिक तनाव में रहता है। कथित तौर पर किसी बाबा की सलाह पर संतान प्राप्ति की उम्मीद में उसने श्मशान की राख से स्नान किया। हमने जब इनसे पूछताछ की तो उन्होंने बताया। हमने फिर अपने पार्षद जी को बुलाया। उन्होंने पूछा तो बल्ली ने घटना को स्वीकार कर लिया। कहा, हम राख में लोटे, हमने फैलाई है। हड्डियां, खोपड़ी ले गए। वह पन्नी में लेकर आए। हमने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया। पुलिस ने हमें आश्वासन दिया कि उसके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, जेल भी भेजेंगे। पुलिस ने उन्हें वापस घर छोड़ दिया। उमाचरण का कहना है कि बल्ली कहता था कि तुम हमसे पूजा करवा लो तो तुम्हारे पिता जी सही हो जाएंगे। कई बार यह बात कही थी। पार्षद के सामने भी उसने यह बात कही थी। मैंने थाने में भी यही बात कही थी। यह तांत्रिक है या नहीं मुझे नहीं पता। वह कहता था कि कोई बाबा ने कहा- मुक्तिधाम में राख में लेटों तो ठीक हो जाओगे। मुझे नहीं लगता की वह बीमार है। परिवार वाले जरूर यह बात कह रहे हैं। बच्चों के लिए राख में लोटा मृतक के भाई मनीराम कुशवाह ने कहा- हमने जब बल्ली से पूछा की तुमने ऐसा क्यों किया तो उसने कहा- मेरे बच्चे नहीं हो रहे हैं। एक जनवा (बाबा) ने बताया कि मुक्तिधाम में राख में लोट जाना तो बच्चे हो जाएंगे। उसके बाद उसने इस तरह का कृत्य किया। हमने लोगों को बुलाया। पुलिस के पास लेकर गए। बाल बनवाने से भी हमें रोका परिवार का कहना है कि हम सभी समाजजन बाल बनवा रहे थे। इसी दौरान बल्ली का परिवार आया और हमें वहां से हटने काे कहा, बोले- जमीन हमारी है। हमने बिना कुछ कहे, सड़क पर जाकर बाल बनवाए। बल्ली की मां ने गालियां दी। हमारे घर में गमी हुई थी, इसलिए हम सब शांत थे। इस घटना से नाराज कुशवाहा समाज के बुजुर्गों ने तत्काल पंचायत बुलाई। पंचनामा तैयार कर आरोपी और उसके परिवार को समाज से बेदखल कर दिया गया। फैसला लिया गया कि यदि समाज का कोई व्यक्ति बल्ली या उसके परिवार से संबंध रखता है या उन्हें बुलाता है, तो उसे 5,100 रुपए जुर्माना देना होगा। पंचनामा पर समाज के कई वरिष्ठ सदस्यों ने हस्ताक्षर किए। आरोपों की जांच कर रहे हैं दतिया एसडीओपी आकांक्षा जैन का कहना है कि सिविल लाइन क्षेत्र में का यह मामला है। बुधवार को एक व्यक्ति ने अस्थियां और राख से छेड़छाड़ की थी। मृतक के परिजन उस व्यक्ति को पकड़कर थाने लाए थे। उसके विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई थी। चप्पलों की माला पहनाने और कीचड़ समेत, गंदगी खिलाने के मामला अभी संज्ञान में नहीं आया था। परिवार ऐसा कह रहा है तो इसकी भी जांच करवाई जाएगी। ये खबर भी पढ़ें- जलती चिता से खोपड़ी निकाल घर ले गया युवक
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